बेसिक स्कूलों में रिक्त पदों को तत्काल भरे सरकार – युवा मंच
ब्यूरो चीफ़ सोनभद्र/ समाज जागरण।
म्योरपुर/ सोनभद्र। प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं जिससे पठन-पाठन प्रभावित है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को तत्काल भरने हेतु आज प्रदेशस्तरीय मुहिम के तहत युवाओं ने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफार्म पर आवाज उठाई। युवा मंच ने छात्रों की इस मुहिम का समर्थन किया है।
सोनभद्र जैसे पिछड़े हुए इलाकों में शिक्षकों व बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। सोनभद्र के 2061 बेसिक स्कूलों में महज 4200 शिक्षक कार्यरत हैं जबकि 10 हजार शिक्षकों की जरूरत है। 129 स्कूलों में तो एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। जनपद में इससे भी ज्यादा दयनीय स्थिति माध्यमिक व उच्च शिक्षा की है।
शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार जैसे सवालों को लेकर म्योरपुर ब्लाक के गांवों में चलाए जा रहे रोजगार अधिकार अभियान में छात्रों, युवाओं और नागरिकों से जनसंपर्क व संवाद करते हुए युवा मंच जिला संयोजक सविता गोंड व अध्यक्ष रूबी सिंह गोंड ने बताया कि युवा मंच की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बेसिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पड़े 1.26 लाख पदों को तत्काल भरने की मांग की गई है। कहा कि एक तरफ शिक्षा के कायाकल्प का दावा किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर बेसिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने से सरकार द्वारा इंकार किया जा रहा है। बार-बार अनुरोध के बावजूद म्योरपुर में राजकीय इण्टर कॉलेज और लड़कियों के लिए आवासीय डिग्री कॉलेज नहीं खोला जा रहा है। प्रदेश में 24 हजार बेसिक स्कूलों को भी बंद कर दिया गया और कई को बंद करने की तैयारी है। हाल के वर्षों में ही 1.39 लाख शिक्षकों के पदों को भी खत्म कर दिया गया। इसका सर्वाधिक प्रतिकूल असर गरीब व निम्न मध्यम पृष्ठभूमि के बच्चों पर पड़ेगा। इससे बड़ी संख्या में बच्चे बेसिक शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। यह सीधे तौर पर शिक्षा अधिकार अभियान -2009 का उल्लंघन है जिसमें स्पष्ट तौर पर उल्लेख है कि गुणवत्तापूर्ण, मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। दरअसल इसका मकसद निजी मुनाफाखोरी के लिए शिक्षा का निजीकरण करना है।
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