अनूपशहर: डीपीबीएस कॉलेज में प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह के निर्देशन में सांख्यिकी विभाग कॉमर्स विभाग और बीसीए विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक अतिथि विज्ञान का आयोजन किया गया। जिसमें एन ए एस कॉलेज मेरठ से प्रोफेसर डॉक्टर विवेक कुमार त्यागी पधारे । कार्यक्रम का विषय “संख्याओं के माध्यम से विश्व को सशक्त बनाना ” रहा। इस अवसर पर प्रोफेसर विवेक कुमार त्यागी ने बताया कि समंक महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे लोगों को उचित निर्णय लेने में मदद करते हैं । सरकारें, संगठन और व्यवसाय सभी प्रगति को ट्रैक करने, प्रदर्शन को मापने, समस्याओं का विश्लेषण करने और प्राथमिकता तय करने में मदद के लिए आंकड़े एकत्र करते हैं।
उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर को विश्व सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है भारत में सांख्यिकी के जनक प्रोफेसर प्रशांत चंद महानोवीस थे । उन्हें सांख्यिकी का पिता भी कहते हैं । वह प्रशिक्षण से भौतिक विज्ञानी सहज ज्ञान से व सांख्यकीविद और दृढ़ विश्वास से योजनाकार थे। सांख्यकी विभागध्य्क्ष प्रोफेसर पीके त्यागी ने बताया कि बताया कि सांख्यिकी का उपयोग वास्तविक जीवन में बजट की योजना बनाने यात्रा के लिए सर्वोत्तम मार्ग निर्धारित करने खरीदे और बेचे जाने वाले उत्पादों के लिए सर्वोत्तम मूल्य खोजने और दैनिक गतिविधियों को करने के लिए सर्वोत्तम समय निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रोफेसर ऋषि कुमार अग्रवाल, प्रोफेसर चंद्रावती, यजवेंद्र कुमार, लक्ष्मण सिंह डॉक्टर तरुण श्रीवास्तव ,डॉ राजीव गोयल डॉ विशाल शर्मा , नरेंद्र रंजन तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कर्मचारी उपस्थित रहे।

खेलकूद में प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया दमखम। बहादुरगढ़ की टीम कबड्डी फाइनल राउंड की रही विजेता ।
बुलंदशहर: एकल अभियान, अभ्युदय यूथ क्लब के तत्वावधान में बुलंदशहर का अंचल स्तरीय खेलकूद समारोह स्पोर्ट्स स्टेडियम यमुनापुरम में सम्पन्न हुआ। एकल अभियान के प्रकल्प अभ्युदय यूथ क्लब के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसका उदघाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष( चेयरमैन बुलंदशहर ) श्रीमती दीप्ती मित्तल दीदी जी, ने फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
सुबह से शाम तक चले विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में कबड्डी के बालक वर्ग फाइनल राउंड में बहादुरगढ़, स्याना क्षेत्र की टीम विजयी रही। बालिका कबड्डी टीम मे बृजघाट गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र टीम विजय रही, और शिकारपुर टीम ने पूरा संघर्ष किया। 100 मीटर दौड़ बालक वर्ग में मुकुल लोधी , बालिका वर्ग में रेशु ने बाजी मारी वही 200 मीटर दौड़ बालक वर्ग परितेश कुमार , बालिका वर्ग मे हिमानी ने जीत अपने पक्ष मे किया। 400 मीटर दौड़ बालक वर्ग हेमंत , बालिका वर्ग शुभरा ने प्रथम स्थान प्राप्त की। ऊंची कूद में बालक वर्ग आयूंन , बालिका वर्ग दीपिका , लम्बी कूद में बालक वर्ग दीपक , बालिका वर्ग प्रियांशी, कुश्ती में मयंक और प्रिंस विजयी रहे, शाम को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रुप मे विश्वनाथ केजरीवाल, विशिष्ट अतिथि श्री हितेंदर जी और श्री ओमप्रकाश जलान जी, विनय जी, दीपक ग़ुज्जर, पूजा एथलेटिक्स , कबड्डी कोच नेत्रपाल जी, पुनीत जी ,संचालन संभाग शारीरिक एवं खेलकूद प्रशिक्षक मोहित पाल जी ने किया। व्यवस्थाओं में एकल अभियान के जिला संगठन मंत्री बुलंदशहर कृष्ण कुमार और संच प्रशिक्षक आरती चौधरी, बीना जी,चारू जी, वरुणा जी रूबी जी शिवम् जी और , देवेश शर्मा, कुशलपाल जी आदि समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जूडो एसोसिएशन बुलंदशहर ने किया लखनऊ जूडो महाकुंभ में प्रतिभाग करने वाली टीम का उत्साहवर्धन स्वागत
बुलंदशहर; चांदपुर रोड पर स्थित सेंट मोमिना स्कूल के प्रांगण में लखनऊ जूडो महाकुंभ में प्रतिभाग करने वाली टीम का उत्साहवर्धन एवं भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह का आयोजन जूडो एसोसिएशन बुलंदशहर ने किया। जूडो सचिव कमल यादव ने बताया की जूडो महाकुंभ इंडियन पैरा जूडो अकादमी हलवासिया कोर्ट हजरतगंज लखनऊ में 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश जूडो एसोसिएशन के द्वारा आयोजित किया जाएगा इसमें जनपद के मिनी सब जूनियर ,सब जूनियर ,कैडेट , जूनियर, वर्ग में 33 जूडो खिलाड़ी बुलंदशहर से प्रतिभा करेंगे। अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से जनपद का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन करेंगे। संगठन के अध्यक्ष श्री शाह फैसल ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर सेंट मोमिना स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती सविता सिंह प्रधानाचार्य श्री वर्षा सिरोही, जूडो कोच प्रदीप कुमार, पुनीत आर्य, सोनम, विश्वेश्वरैया ग्रुप ऑफ कॉलेज से अमित ,परिधि, सचिन नागर ,आदि उपस्थित रहे।

उन्नत न्यूरोइंटरवेंशनल तकनीकों पर सीएमई का किया आयोजन किया
बुलंदशहर: पारस अस्पताल, गुरुग्राम के न्यूरोइंटरवेंशन विभाग ने गुरुग्राम के चिकित्सक समुदाय के सहयोग से न्यूरोइंटरवेंशन में हुई प्रगति, विशेष रूप से स्ट्रोक प्रबंधन पर केंद्रित एक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य स्ट्रोक और अन्य न्यूरोवैस्कुलर समस्याओं के लिए अत्याधुनिक उपचार विकल्पों के बारे में जागरूकता और समझ बढ़ाना था। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रोफेसर वी.एस. मेहता द्वारा किया गया, जो एम्स में न्यूरोसाइंसेस विभाग के पूर्व प्रमुख और न्यूरोसर्जरी के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने भारत में स्ट्रोक की बढ़ती घटनाओं पर प्रकाश डाला। प्रो. मेहता ने बताया कि पहले स्ट्रोक को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह युवाओं को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है। भारत में लगभग 15% स्ट्रोक के मामले 45 साल से कम उम्र के व्यक्तियों में देखे जा रहे हैं।
न्यूरोइंटरवेंशनल तकनीकों में हालिया प्रगति के बारे में विस्तार से बताते हुए, पारस अस्पताल, गुरुग्राम के ग्रुप डायरेक्टर और न्यूरोइंटरवेंशन के प्रमुख, डॉ. विपुल गुप्ता ने कहा, “नई तकनीकी प्रगति ने जटिल मस्तिष्क प्रक्रियाओं जैसे एन्यूरिज्म, एवीएम, स्टेंटिंग और थ्रोम्बेक्टॉमी के दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है। अब हम उच्च फ्लो दर और काफी कम जटिलताओं के साथ उपचार कर सकते हैं, जिससे मरीजों के लिए अधिक सुरक्षित परिणाम सुनिश्चित होते हैं। इस सफलता की कुंजी विशेषज्ञ टीमवर्क, अत्याधुनिक तकनीक और हमारे सामूहिक अनुभव के समेकित उपयोग में है। यह समन्वय हमें जटिल प्रक्रियाओं को सटीकता से पूरा करने में सक्षम बनाता है, जिससे मरीजों की रिकवरी में सुधार होता है और उच्च जोखिम वाले मामलों में जीवित रहने की दर बढ़ती है।”स्ट्रोक उपचार में सटीक निदान के महत्व पर जोर देते हुए, पारस अस्पताल, गुरुग्राम के वरिष्ठ न्यूरोइंटरवेंशनल विशेषज्ञ, डॉ. राज श्रीनिवास पार्थसारथी ने कहा, “स्ट्रोक उम्र का भेदभाव नहीं करता है, और हम अधिक से अधिक युवा मरीजों में दुर्लभ और जटिल कारणों से स्ट्रोक के मामले देख रहे हैं। समय पर हस्तक्षेप और उन्नत न्यूरोइमेजिंग तकनीकों के माध्यम से हम स्ट्रोक के मूल कारणों का सटीक निदान कर सकते हैं, जो इष्टतम उपचार योजना निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण है। प्रारंभिक पहचान हमें मस्तिष्क को होने वाले आगे के नुकसान से बचाने और भविष्य की घटनाओं को रोकने में सक्षम बनाती है। हमारा लक्ष्य ऐसे उपचार प्रदान करना है जो केवल तत्काल संकट का समाधान न करें, बल्कि दीर्घकालिक परिणामों को भी सुरक्षित करें। यह सीएमई कार्यक्रम पारस हेल्थकेयर के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस के निरंतर प्रयासों का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य चिकित्सा समुदाय के बीच आधुनिक स्ट्रोक उपचार विधियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। भारत में हर साल लगभग 1.8 मिलियन स्ट्रोक के मामलों के साथ, ऐसे कार्यक्रम डॉक्टरों को इस बढ़ती महामारी से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरणों से लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सीएमई ने न केवल ज्ञान साझा करने का एक मंच प्रदान किया, बल्कि स्ट्रोक मरीजों की सर्वोत्तम देखभाल प्रदान करने में न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोइंटरवेंशनल विशेषज्ञों और व्यापक चिकित्सा समुदाय के बीच टीमवर्क के महत्वपूर्ण महत्व को भी उजागर किया। यह पहल न्यूरोइंटरवेंशनल तकनीकों को स्ट्रोक देखभाल के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए पारस अस्पताल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे डॉक्टर बेहतर उपचार निर्णय ले सकें और अंततः मरीजों के परिणामों में सुधार कर सकें।

आतिशबाजी के बिना अधूरा है दीप का पर्व,
पहले था बम का शोर अब फुलझड़ी का जोर भी नहीं : प्रदीप कुमार गौतम एडवोकेट
शिकारपुर : दिवाली की तैयारियों में पूरा देश लगा है। हर तरफ दिवाली की धूम है बाजारों में रंग-बिरंगी झालरों व गिफ्ट की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। लेकिन दीप पर्व का रंग पटाखों के संग अधूरा है। युवा समाजसेवी योगेश शर्मा, ने बताया कि दीपावली की संकल्पना अगर दीप के बिना अधूरी है तो आतिशबाजी के बिना भी वह पूरी नहीं मानी जा सकती ।आतिशबाजी जैसा शब्द जेहन में आते ही दीपावली का दृश्य आखों के सामने खुद-ब-खुद उभर जाता है। ऐसे में यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि समय के साथ आतिशबाजी का स्वरूप भले ही बदला हो पटाखों की शक्ल भले ही बदली हो लेकिन इसकी परम्परा दीपावली जितनी ही पुरानी है। परम्परा के साथ दीपावली मनाने की तैयारी एक बार फिर जोरों पर है। अवसर है कि हम उससे जुड़ी आतिशबाजी की परम्परा और उसके स्वरूप में बदलाव पर विस्तार से चर्चा करें
क्यों मनाई जाती है दिवाली
मान्यता है कि भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद जब अयोध्या लौटे तो अयोध्यावासियों ने घी की दीये जला कर उनका भव्य स्वागत किया। खुशी में खूब आतिशबाजी भी हुई चूंकि दीये और आतिशबाजी से अयोध्या रोशन हो उठी थी इसलिए उसके बाद से हर वर्ष रोशनी के पर्व के रूप में दीपावली मनाई जाने लगी। हालांकि किसी धार्मिक ग्रंथ में उस दौरान पटाखे जलाने का जिक्र नहीं मिलता लेकिन मान्यता तब से लेकर अब तक बरकरार है। खुशी और उत्साह के इस पर्व को मनाने में अपना शिकारपुर नगर भी कभी पीछे नहीं रहा। हर दीपावली में यहां आतिशबाजी की रोशनी का जमीन से आसमां तक रंग बिखरते दिखना इसका प्रमाण है ।

करवाचौथ : मिट्टी से चांदी तक पहुँचा करवे का कारवां : दिपांशु मित्तल
हाईटेक होते जा रहे तीज-त्योहार पहले मिट्टी के करवे का था चलन अब चांदी के करवे ने ली जगह : योगेश शर्मा
शिकारपुर : नगर में समय बदला है तो समय के साथ लोगों की सोच भी बदली है इसका असर अब लोगों के तीज त्यौहारों पर भी साफ दिखाई देता है। करवाचौथ जैसे पर्व पर भी आधुनिकता का चौला चढ़ चुका है। एक समय था जब महिलाओं के सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले करवाचौथ पर्व को जिस तरह से मनाया जाता था। उसमें परम्परागत वस्तुओं का प्रयोग अधिक होता था। उदाहरण के तौर पर करवाचौथ पर्व पर मिट्टी से बने करवे का प्रयोग होता था। लेकिन अब इसकी जगह चांदी के करवे ने ले ली है। यानी मिट्टी से चांदी तक करवे का कारवां पहुंच चुका है।
इस बार करवाचौथ के पर्व पर सबसे ज्यादा डिमांड महिलाओं द्वारा चांदी से बने करवे की जा रही है इसके साथ ही बिछिया, पायल, लॉकेट, के अलावा करवाचौथ की स्पेशल थाली की डिमांड बढ़ी है। करवाचौथ को लेकर बाजारों में काफी चहल-पहल बढ़ी हुई है। खास बात यह है कि इस पर्व को लेकर उत्साह के साथ-साथ व्यवसाय में भी वृद्धि हो रही है। ज्वेलरी शोरूम पर फोटो लगी थाली और करवाचौथ से जुड़े सामान की खूब डिमांड है।
युवा समाजसेवी योगेश शर्मा, ने बताया कि पिछले पांच साल में काफी बदलाव आया है। अब महिलाएं मिट्टी के करवे की जगह चांदी से बने आकर्षक दिखने वाले करवे को लेने लगी है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि चांदी बाद में भी प्रयोग में ली जा सकती है जो इन्वेस्ट की तरह भी देखी जाने लगी है। करवे की मदद से ही महिलाएं अपने पति के हाथों से पानी पीकर रात्रि में उपवास खोलती है। चांदी का करवा और डिजाइनर छलनी-करवाचौथ पूजन के लिए बाजार में 50 रुपये से लेकर चांदी के 50 से 300 ग्राम वजन का करवा 5000 से 25 हजार रुपये में उपलब्ध है। इन पर ओम और स्वास्तिक बना हुआ है इसके अलावा लाल रंग वाला मिट्टी का करवा 50 रुपये और स्टील वाला डिजाइनर करवा 100 से 250 रुपये का है।
इसके साथ इसमें डिजाइनर छलनी भी शामिल है डिजाइनर थाली भी मौजूद करवाचौथ पूजन के लिए बाजार में डिजाइनर थाली भी तैयार है जिस पर लगे रंग बिरंगे फूल और गोटा पत्ती वर्क इन्हें आकर्षक बना रहा है इनकी कीमत 300 रुपये है। हाथी वाली राजस्थानी चूड़ा करवाचौथ पर्व पर्व पर चूड़ी कंगन और चूड़ा का बहुत महत्व है हर सुहागिन महिला इस दिन व्रत रखती है ।
कच्ची शराब बनाने वाले दो शातिर अभियुक्त गिरफ्तार. कच्ची शराब बरामद
हापुड़ पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञान जय सिंह द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम एक कच्ची शराब बनाने में बेचने वाले के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत थाना गढ़मुक्तेश्वर पुलिस के क्षेत्र अधिकारी वरुण मिश्रा ने थाना प्रभारी नीरज कुमार ने पुलिस बल के साथ कच्ची शराब बनाने वाले दो शातिर अभियुक्त को किया गिरफ्तार शातिर अभियुक्त प्रेमचंद व किशन पाल उर्फ कालिया को किया गिरफ्तार जिनके कब्जे से भारी मात्रा में कच्ची शराब व बंटी तथा कच्ची शराब बनाने को उपकरण बरामद किए।

तेज गति के कारण अनियंत्रित होकर मोटरसाइकल फिसली, युवक जख्मी
जनपद हापुड़ के थाना देहात क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाइवे 9 के न्यू बाईपास का मामला बताया जा रहा है मामला,गढ़मुक्तेश्वर की तरफ से आते हुऐ गाजियाबाद की तरफ को जाते समय मोटरसाइकिल पर सवार युवक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। जिसके चलते युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। युवक को सर में आई गंभीर चोट लगने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पास में बने गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घायल युवक को भर्ती कराया। जिसकी हालत नाजुक होने के कारण हायर सेंटर रेफर किया गया।
पिलखुवा ऑटो का चालान करने को लेकर हंगामा, ऑटो सीज
हापुड़ के कोतवाली पिलखुवा क्षेत्र के बस अड्डा चौकी के पास टी एस आई एक ऑटो का चालान कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर ऑटो चालक एकत्रित हो गए और हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार टी एस आई एक ऑटो का चालान कर रहे थे उसी समय कुछ ऑटो चालक इकट्ठा हो गए और हंगामा करने लगे। इसी बीच एक ऑटो चालक ने ऑटो का पर्दा भी फाड़ दिया। ऑटो चालक पर एंट्री फीस दिलवाने का भी गंभीर आरोप लगाया। ऑटो चालकों के द्वारा हंगामा को देखकर मौके पर नजदीकी पुलिस पहुंची और भीड़ को तीतर बीतर कर शांत कराया।
इस संबंध में मौके पर मौजूद टी एस आई कामेश सिंह ने बताया कि ऑटो यूपी 14 टी पी 4671 इसके चालक सोनी पुत्र यूनुस पिलखुवा का रहने वाला है उसके पास ऑटो के कोई .कागज मौजूद नहीं थे। ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था और परमिट भी नहीं था इसी कारण ऑटो को सीज करके ट्रैफिक ऑफिस जनपद हापुड़ भेज दिया गया है।

112 डायल ने लोगों को किया जागरूक, सुरक्षा का दिलाया भर और भरोसा
नाट्य टोलियों ने लोकगीतों केमाध्यम से किया जागरू कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को यूपी 112 के महत्व के बारे में बताया कहा कि यूपी 112 हर कदम और हर जगह आपकी सुरक्षा की गारंटी है फोन कर चंद मिनट में सहायता आपके पास पहुंचे बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में नाट्य टोलियों ने लोकगीतों के माध्यम से टीम के लोगों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें बताया कि किस तरह से यूपी 112 की मदद प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही किन जरूरतों पर पर आप कॉल कर सकते हैं। कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए बताय कि यदि आप कहीं अकेले फंस जाएं और वहां किसी से मदद न मिल रही हो आपको किसी का भय सता रहा हो या गंतव्य तक जाने के लिए वाहन की उपलब्धता न हो रही हो @wpl1090 ऐसे में आप यूपी 112 पर कॉल कर मदद पा सकते हैं आपके फोन करने के साथ ही पुलिस अलर्ट हो जाएगी और टीम तत्काल आपकी मदद के लिए रवाना होगी आपके सबसे नजदीक मौजूद टीम सहायता के लिए पहुंचेगी। यदि किसी छात्रा को भी किसी तरह की परेशानी हो तो मदद लेने में देर न करें कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों की भीड़ एकत्र रही।

मध्य गंग नहर में महिला का शव मिलने से मचा हड़कंप!
हापुड़: तहसील धौलाना क्षेत्र में मध्य गंग नहर में एक लगभग 32 वर्षीय महिला का शव मिलने से क्षेत्र में मचा हड़कंप। ग्रामीणों हत्या की आशंका ने जताई है। धौलाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव शेखपुर खिचरा में मध्य गंग नहर में एक महिला का शव मिलने से गांव में अपरा तफरी मच गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट के द्वारा ग्रामीणों की मदद से महिला के शव को बाहर निकलवाया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट का कहना है कि महिला के शरीर पर कोई भी चोट का निशान नहीं पाया गया है। मृतक महिला के शव की शिनाख्त को लेकर सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के उपरांत मौत का स्पष्टीकरण हो पाएगा।

महिला टीचर के पर्स चोरी करने वाली महिला गिरफ्तार।
हापुड़ के न्यू शिवपुरी मोहल्ले की रहने वाली शशि कौशिक ने बताया कि वह पिलखुवा के एक गर्ल्स डिग्री कॉलेज से अपनी ड्यूटी खत्म करके घर लौट रही थी। तभी एक महिला उनक सामने आकर ई रिक्शा में बैठ गई बैठ गई और अपने बच्चे को अचानक उनकी तरफ गिरा दिया इस दौरान उस महिला ने चालाकी से शशि के पर्स से 5 हजार रुपये, एक सोने और चांदी के मोतियों वाली चेन और अन्य दस्तावेज चोरी कर लिए थे। थाना प्रभारी मुनीश प्रताप सिंह ने बताया कि मामलें में महिला टीचर का पर्स चोरी करने वाली महिला थाना मसूरी डासना की आलिया उर्फ रुखसाना को गिरफ्तार कर माल बरामद कर जेल भेज दिया

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हेमंत मिश्रा का भव्य स्वागत
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हेमंत मिश्रा का स्वागत शेखपुरा जैतपुर बहुत जोरदार स्वागतकरने वालों में प्रोफेसर अब्बास अली प्रदेश सचिव शिवकुमार चौधरी गुलवीर सिरोही प्रशांत शर्मा लालू चौधरी खालिद जिलानी बालवीर सिरोही मोनिका खटीक शाहिद राणा अनुज अग्रवाल जफर चौधरी जैकी जाटव सत्येंद्र फौजी मोनू चौधरी सोनू चौधरी करीम मनोज प्रदीप शर्मा विजय गिरी आदित्य गिरी आदि मौजूद थे
पीड़ितों की शिकायतों का निस्तारण करना पहली प्राथमिकता: एसडीएम साक्षी शर्मा
गढ़मुक्तेश्वर/उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के द्वारा पीड़ितों की समस्याओं का तत्काल प्रभाव से निस्तारण करना और उनको न्याय देने को लेकर चलाए जा रहे। थाना समाधान दिवस तहसील समाधान दिवस बराबर आयोजित किया जा रहे हैं। जिसमें पीड़ित अपनी शिकायतों को लेकर पहुंचते हैं। और आयोजित दिवस में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा कुछ शिकायतों का तत्काल मौके पर निस्तारण कराया जाता है। कुछ के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के लिए आदशित किया जाता है। इसी क्रम में तहसील में आयोजित तहसील समाधान दिवस में आने वाले पीड़ित फरियादियों की फरियाद को एसडीएम साक्षी शर्मा ने तहसील अधिकारियों के साथ प्राथमिकता के आधार पर सुना। जिसमें कुछ शिकायतों का निस्तारण तत्काल प्रभाव से मौके पर कराया गया। तो वहीं कुछ शिकायतों का निस्तारण संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त दिशा निर्देशित करते हुए समयबद्ध एवं निष्पक्षता पूर्ण निस्तारण करने के आदेश जारी किए।

Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



