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**”अकेली औरत को समाज गलत नज़रिये से देखता है” — अभिनेत्री सुनीता राजपूत का दर्द छलका**

“क्या बिना पुरुष के सहारे जीना अपराध है?” सोशल मीडिया पर अभिनेत्री ने समाज की सोच पर उठाए गंभीर सवाल**

**मुंबई | गिरजा शंकर अग्रवाल**

फिल्म अभिनेत्री और मॉडल **सुनीता राजपूत** ने समाज में अकेली महिलाओं के प्रति लोगों की सोच पर खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज भी एक आत्मनिर्भर और अकेली महिला को समाज सम्मान की नज़र से देखने के बजाय संदेह और गलत मानसिकता के साथ देखता है।



सुनीता राजपूत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वह अपने गांव पहुंचीं, तब उन्हें महसूस हुआ कि समाज एक अकेली महिला के बारे में कैसी धारणाएं बना लेता है। उन्होंने कहा, **”अगर कोई महिला अपने दम पर कमाकर अपना जीवन चला रही है, तो भी लोग उसे गलत समझते हैं। अगर वह सिंगल है, तब भी उसे फालतू समझा जाता है। यहां तक कि अगर वह किसी से बात भी नहीं करती, तब भी लोग उसके बारे में गलत राय बना लेते हैं।”**



उन्होंने आगे कहा कि वह हमेशा मानती थीं कि **एक महिला अपनी जिंदगी बिना किसी पुरुष के सहारे भी सम्मानपूर्वक जी सकती है**, लेकिन आज के माहौल में उन्हें महसूस हो रहा है कि कई लोग महिलाओं को केवल गलत नज़र से देखते हैं।

सुनीता ने सवाल उठाते हुए कहा, **”क्या बिना पुरुष के जिंदगी बिताना गलत है? क्या समाज की सोच इतनी संकीर्ण हो गई है कि हर अकेली महिला को गलत नज़र से देखा जाए?”**

उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है और महिलाओं को उनके वैवाहिक जीवन या व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, मेहनत और उपलब्धियों के आधार पर सम्मान देना चाहिए।



सुनीता राजपूत का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि इस मुद्दे पर समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समानता को लेकर भी बहस तेज हो गई है।

> **(नोट: यह खबर अभिनेत्री सुनीता राजपूत द्वारा सार्वजनिक रूप से साझा किए गए व्यक्तिगत विचारों और अनुभवों पर आधारित है।)**


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