गया ( गजेन्द्र कुमार) निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता द्वारा बताया गया कि जल शोधन संचय के तहत गया एवं बोधगया में 94% कार्य पूर्ण हो गया है। 30 मई तक जल शोधन संचय संरचना का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा तथा पानी सप्लाई प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गया एवं बोधगया जल शोधन संयंत्र अवगिल्ला से दो अलग-अलग लाइन के माध्यम से ज़िले के लोगो तक पानी सप्लाई किया जाएगा, जिसमें पहला लाइन में मस्तलीपुर, भुसुंडा, ब्राह्मयोनि, सिंगरस्थान तथा बोधगया के ओवरहेड टैंक शामिल हैं तथा दूसरा लाइन जो जोड़ा मस्जिद, डेल्हा, बुढ़वा महादेव स्थान, मुरली हिल में बने ओवरहेड टैंक से जोड़ा जाएगा।
बताया गया की विभिन्न ओवरहेड टैंक में जोड़ने हेतु रास्ते में पड़ने वाले सीताकुंड एवं बुनियादगंज के समीप ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। अतिशीघ्र निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके उपरांत विभिन्न ओवरहेड टैंक को जल शोधन संयंत्र से पाइप नेटवर्क का कार्य करते हुए मानपुर के क्षेत्र में जुलाई अंतिम तक पानी सप्लाई कराना प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि किलियर वाटर रिजर्वायर तथा पंप हाउस का निर्माण कार्य इस माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने प्रबंध निदेशक, बुडको तथा नगर निगम के अभियंताओं एवं बुडको के अभियंताओं को निर्देश दिया कि गंगा उद्भव प्रोजेक्ट काफी तेजी से कार्य कर रहा है। उसके एवज में बुडको भी अपना हर घर तक कनेक्शन देने का कार्य 15 जून तक हर हाल में पूर्ण कर ले ताकि पानी सप्लाई होने पर हर घर तक लोगों को पानी मिल सके। इसके उपरांत उन्होंने जेपीएन में चल रहे पाइपलाइन कार्य को देखा। उपस्थित अभियंता द्वारा बताया गया कि गंगा उद्धव प्रोजेक्ट में गया तक आने में 150 किलोमीटर का लेन है। जिसमें मात्र 2 किलोमीटर शेष ही पाइप बिछाने का कार्य बचा हुआ है, जिसे 1 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जेठीयन के समीप पहाड़ी के ऊपर तथा पहाड़ी के नीचे पाइप बिछाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में जेसीबी मशीन लगाकर पहाड़ के किनारे पाइप बिछाने का रास्ता बनाया जा रहा है। इसके उपरांत मुख्य सचिव, माननीय मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों द्वारा आयुष्मान भारत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जेठीयन, मोहड़ा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था पाई गई। शौचालय तथा पेयजल व्यवस्था साफ सुथरा एवं ठीक अवस्था में पाया गया। उपस्थिति पंजी के निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सक तथा दो एएनएम एवं कंप्यूटर ऑपरेटर अनुपस्थित पाए गए। मुख्य सचिव ने जिला पदाधिकारी को संबंधित चिकित्सक एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। इसके उपरांत उन्होंने ऑपरेशन थिएटर, विश्राम कक्ष तथा दवा का स्टॉक रजिस्टर सेवा का मिलान किया। साथ ही उन्होंने विभिन्न दवाओं के एक्सपायरी डेट की भी जांच किया।
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