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20 रुपये में ATM कार्ड, 20 हज़ार का सपना और सोता चुनाव आयोग…

समाज जागरण डेस्क नोएडा।

बिहार मे चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों ने स्कीम लांच करना शुरु कर दिया है, जिसके लिए वहाँ के वोटर से फार्म भऱवाये जा रहे है। फार्म के बदले मे वोटर से कोई 50 रुपये तो कोई 20 रुपये की वसूली कर रहा है। जिसका विडियों लगातार सोशल मिडिया पर वायरल है। अब जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा कैनोपी लगाकर लोगों से फार्म भरवाने और एटीएम कार्ड बांटने का विडियो वायरल हो रहा है। जिसमे फार्म भरने के बदले मे आधार कार्ड, और 20 रुपये लिए जा रहे है। बताया जा रहा है कि जन स्वराज पार्टी के जीतने पर हर महिलाओं के 20 हजार रुपये हर महीने मिलेंगे। ये विडियो कहाँ कि इसका सही सही पता नही चला है लेकिन यह माना जा रहा है कि यह बिहार का है।

बताते चले कि इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा भी कैनोपी लगाकार फार्म भरवाने और हर फार्म के लिए 50 रुपये वसूलने वाली विडियो खुब वायरल हुआ था। जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों मे भी सवालों के तीर खुब चले। ये बात और है कि उस तीर को कोई घायल नही हुआ। न तो उस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई और न ही तो पार्टी ने कोई ब्यान दिया। अब नया विडियो जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं का वायरल हो रहा है।

विडियों वायरल होने के बाद सोशल मिडिया पर लोग जहाँ एक तरफ चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे है उठा रहे है वही इस प्रकार के स्कीम लांच करके जनता से 20 रुपये या फिर 50 रुपये वसूलने वाली राजनीतिक पार्टी को भी खुब कोश रहे है। लोगों ने सवाल पूछा कि क्या चुनाव से पूर्व इस प्रकार से कार्ड जारी करना या फार्म भरवाना या फिर लोगों से उनका आधार कार्ड लेना क्या कानूनी रूप से सही है। क्योंकि इस प्रकार से तो उनके गोपनीयता उजागर हो जायेंगे। कल अगर किसी प्रकार से फ्राड होता है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा ?

वही जनसुराज फॉर बिहार नामक एक्स हैंडल ने भ्रामक विडियों के जरिये लोगों को गुमराह किया जा रहा है। कोई सदस्यता लेना चाहे तो 10 रुपये देकर सदस्यता ले सकता है।

आर के लक्ष्मण लिखते है: 20 रुपये में ATM कार्ड, 20 हज़ार का सपना और सोता चुनाव आयोग… जनता सोच रही है—ये लाभ कार्ड है या ‘वोट कैप्चरिंग मशीन’? कल अगर डेटा गड़बड़ हुआ तो जिम्मेदार कौन? नेता, तंत्र या हम?

द वुल्फ एंड वल्चर लिखते है:- 1975 जर्मनी से पढ़ाई पूरी करके जयप्रकाश नारायण श्रीवास्तव लौटे और बिहार में नारा देते समग्र क्रांति. पूरे 50 साल बाद 2025 में अमेरिका से ट्रेनिंग और नौकरी करके प्रशांत किशोर पांडेय लौटे और बिहार में नारा देते हैं जन सुराज और जय बिहार-जय जय बिहार।

विनोद पाल ने लिखा है: लोगों से 20 रुपये लेकर एटीएम लाभ कार्ड बांटना और आधार जैसी व्यक्तिगत जानकारी हासिल करना गंभीर सवाल उठाता है। यह न केवल जनता को गुमराह करना है, बल्कि डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है।

शायद आपको याद होगा कि केन्द्र मे चुनाव के समय मे भी खटाखट योजना कांग्रेस ने लांच किया । इसके लिए फार्म भरवाये गए। जब महिलाओं ने चुनाव के बाद फार्म को लेकर पहुँची तो उनको ये कहा गया कि सरकार बनने के बाद की बात कही गई थी। अब सरकार तो बन नही पाई है तो यह कैसे संभव है। यह खबर लगातार सोशल मीडिया, मीडिया और राजनीतिक मे वायरल होती रही। लेकिन बड़ी अफसोस की बात है कि जनता ने उससे सबक नही लिया। माना की कांग्रेस की सरकार नही बनी लेकिन सांसद तो जीते । लोगों का काम सांसद चुनना था लोगों ने वोट दिया सरकार नही बनी तो लोगों का क्या ? फिर वही स्कीम बिहार मे लांच हो चुकी है फटाफट गारंटी योजना और खटाखट झूठ बोलना। लेकिन पब्लिक है ये सब नही जानती है। इन्हें तो लगता है कि कोई बिना कमाए ही इनका पेट भर देगा। 20 रुपये दे दो।

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