जदयू नेता डॉ. धर्मेंद्र चंद्रवंशी समेत 5 पर केस दर्ज
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने इस मामले में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश महासचिव और कुम्हरार से पूर्व राजद प्रत्याशी डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (कांड संख्या 07/26) दर्ज की है। ईओयू द्वारा दर्ज प्राथमिकी में डॉ. धर्मेंद्र के अलावा उनके पिता ब्रजकिशोर प्रसाद, पत्नी डॉ. रजनी, पटना जिला पुलिस बल में कार्यरत महिला दारोगा आशा सिंह और उनके बेटे रितेश कुमार को आरोपी बनाया गया है।
आरोप है कि महिला दारोगा आशा सिंह ने अपने बेटे रितेश कुमार को बीपीएससी के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर डॉ. धर्मेंद्र व अन्य को 40 लाख रुपये दिए थे। जब लंबी अवधि के बाद भी नौकरी नहीं लगी, तो आरोपियों ने 25 लाख रुपये लौटाने के लिए एक चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब पटना उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुनः जांच शुरू हुई।
जांच में यह पुष्टि हुई कि महिला दारोगा ने रिश्वत के जरिए पद हासिल करने के लिए यह बड़ी रकम जुटाई थी। मामले की जांच ईओयू की डीएसपी स्वाति कृष्णा को सौंपी गई है। डॉ. धर्मेंद्र चंद्रवंशी का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले 2025 में भी उन पर नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। उन पर फर्जी जमीन दस्तावेजों से जुड़े मामलों में भी संलिप्तता के आरोप लगते रहे हैं। इस नए मामले ने बिहार में सरकारी नौकरी के नाम पर सक्रिय दलालों के नेटवर्क की पोल खोल दी है। ईओयू अब इस मामले में धन के लेनदेन की कड़ियों को जोड़ रही है और जल्द ही कई अन्य खुलासे होने की उम्मीद है।



