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मीराबाई चरित्र का मनमोहक की गई प्रस्तुति

आदिवासी सुनील त्रिपाठी/ समाज जागरण

चोपन/ सोनभद्र। वृंदावन से आये श्री विशाखा रमणबिहारी रासलीला मण्डल द्वारा मनमोहक रास की प्रस्तुती की जा रही है। आज रासलीला के माध्यम से मीराबाई के पूर्वजन्म का चित्रण अति मनोहारी था। मीराबाई पूर्वजन्म में बृज की एक गोपी थी। नंदगांव का ग्वाला उसे ब्याह कर ला रहा था, मार्ग में कृष्ण कन्हैया मिल गए, उन्होंने नवेली बधु के रूप में विदा होकर जा रही गोपी से अपना मुंह दिखाने को कहा लेकिन उसने घूंघट नहीं खोला तो कन्हैया ने कहा आज तू मुझे दर्शन नहीं दे रही है, अगले जन्म में तू मेरे दर्शन को तरसेगी। इस प्रसंग के बाद गोवर्धन पूजा और इंद्र के प्रकोप से अतिवृष्टि का मनोरम दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद गिरिधर गोपाल की झांकी प्रस्तुत की गई।

यही गिरिधर गोपाल उस गोपी के हृदय में ऐसे विराजमान हुए कि अगले जन्म में मीरा बनकर वह गाती फिरी. मेरे तो गिरिधर गोपाल दूसरो न कोई, जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई। कलाकारों का अभिनय बड़ा ही उत्कृष्ट था, सभी दर्शक मंत्रमुग्ध होकर लीला देखते रहे। इस अवसर पर प्रदीप अग्रवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जैन, दिनेश जैन, राजेश साहनी, महेंद्र केसरी, विमल शाह, आनंद अग्रवाल, पवन अग्रवाल, धर्मेंद्र जायसवाल, राकेश मोदनवाल, रामसुन्दर निषाद, संदीप अग्रवाल, सत्येंद्र आर्य, नागेश्वर गोड़, विकाश चौबे, दीपक साहनी, नागेश्वर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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