समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ जिले के दानापुर बस पड़ाव पर सोमवार की सुबह फल विक्रेताओं और ऑटो चालकों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते स्थिति हाथ से बाहर हो गई और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार छावनी परिषद ने हाल ही में फल विक्रेताओं को नोटिस जारी कर बस पड़ाव क्षेत्र से अपने ठेले हटाने का आदेश दिया था। यह निर्देश अतिक्रमण हटाने की कवायद के तहत दिया गया था। लेकिन सोमवार को कुछ फल विक्रेता फिर भी ऑटो स्टैंड के पास ठेले लगाकर फल बेच रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने इनके पास गाड़ी खड़ी कर दी, जिससे बहस शुरू हो गई। फल विक्रेताओं का तर्क था कि जब उनके ठेले लगाने पर रोक है तो ऑटो चालक भी वहां गाड़ी नहीं खड़ा कर सकते। मामूली सी कहासुनी कुछ ही मिनटों में विवाद में बदल गई और फिर हिंसा के रूप में फूट पड़ी। विवाद बढ़ने पर करीब सौ की संख्या में फल विक्रेता तलवार, रॉड और लाठियों से लैस होकर ऑटो स्टैंड की ओर बढ़ आए। अचानक हुए इस हमले ने चालकों और वहां मौजूद यात्रियों को दहशत में डाल दिया। फल विक्रेताओं ने कई ऑटो के शीशे तोड़ दिए और विरोध करने वाले चालकों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायलों में कई ऑटो चालक शामिल हैं, जिनमें सुमेश कुमार ने बताया कि फल विक्रेता अचानक धावा बोलते हुए आए और बिना किसी चेतावनी के हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों की संख्या सौ से अधिक थी और वे पूरी तैयारी के साथ आए थे। हमले के बाद आक्रोशित ऑटो चालकों ने अपनी सेवाएं तुरंत बंद कर दीं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध शुरू कर दिया। बस पड़ाव के आसपास के क्षेत्रों—सदर बाजार, मार्शल बाजार और अस्पताल मोड़—की दुकानों को भी उन्होंने बंद करा दिया। ऑटो संचालन पूरी तरह ठप होने से हजारों यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और ऑफिस कर्मचारियों को भी आने-जाने में परेशानियां झेलनी पड़ीं।
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