कालांवाली (सुरेश जोरासिया) मंडी में आध्यात्मिक चेतना एवं भक्तिमय वातावरण के सृजन हेतु श्रीमद् देवी भागवत कथा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एक भव्य एवं शोभायमान संध्या फेरी का आयोजन किया गया। यह संध्या फेरी दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से 1 फ़रवरी से 7 फ़रवरी तक महाजन धर्मशाला में होने वाली सात दिवसीय श्रीमद्ध देवी भागवत कथा के प्रचार प्रसार हेतु निकाली गई।खाटू श्याम मंदिर, कालांवाली मंडी से पहली संध्या फेरी निकाली गई ।संध्या फेरी का शुभारंभ अमरदीप बंसल(प्रधान),रणजीत सोनी,जगदीश राय,मोहन लाल,भूषण शर्मा,नवीन कुमार,लकी गर्ग,सांगा राम,पप्पू शर्मा,चिंकी गर्ग,पिंनू राम,स्वामी ज्ञानेशानंद जी ,स्वामी चन्द्रशेखरानंद जी,स्वामी मानवेंद्रानंद जी द्वारा नारियल फोड़ कर प्रभु के पूजन से किया गया।इसके उपरांत दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की साध्वी बहनो ने प्रभु के भजनों को गाकर वातावरण को भक्तिमयी कर दिया |
इस संध्या फेरी में श्रद्धालु भक्तों ने माँ भगवती के जयघोष, भजन-कीर्तन के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।संध्या फेरी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़री,जहाँ भक्तों की आस्था ने सम्पूर्ण वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।इस अवसर पर सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी ज्ञानेशानंद ने बताया कि श्रीमद् देवी भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और ज्ञान का अनुपम संगम है। यह महापुराण माँ भगवती की महिमा, उनके दिव्य स्वरूपों, सृष्टि की उत्पत्ति तथा धर्म, कर्म और मोक्ष के गूढ़ रहस्यों का विस्तार से वर्णन करता है। देवी भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा नारी शक्ति के सम्मान एवं आत्मिक उत्थान की भावना प्रबल होती है।संध्या फेरी के माध्यम से नगरवासियों को आगामी श्रीमद् देवी भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया गया।स्वामी जी ने बताया कि यह कथा समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, सद्भावना एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने का एक दिव्य माध्यम है।अंत में संध्या फेरी माँ भगवती की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।



