छतरपुर में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल,एक ही प्लॉट की दोबारा रजिस्ट्री से भड़के भू–मालिक, बोले जान भी जाए पर जमीन नहीं छोड़ेंगे

समाज जागरण दीपक सरकार

छतरपुर (पलामू)।
छतरपुर प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर जमीन विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। छतरपुर मौजा के खाता संख्या–2, प्लॉट संख्या–253 की जमीन की दोबारा रजिस्ट्री होने से वर्षों से घर बनाकर रह रहे करीब दो दर्जन भू–मालिकों के सिर पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
इन लोगों ने बताया कि वे पिछले दस सालों से इस जमीन पर घर बनाकर शांतिपूर्वक रह रहे हैं, लेकिन अब अचानक नवंबर 2025 में इसी जमीन की पुनः रजिस्ट्री कर दी गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, करीब दस वर्ष पूर्व बाबी श्याम सुंदरी देवी से भूदान में प्राप्त इस जमीन का केवाला स्थानीय लोगों के नाम हुआ था, जिसके बाद लगभग 24 परिवारों ने अपने मकान बनाकर स्थायी रूप से निवास शुरू कर दिया था।
लेकिन अब उसी खाता व प्लॉट नंबर की 1 एकड़ 47 डिसमिल जमीन की पुनः रजिस्ट्री स्नेहप्रभा देवी (पति राघवेंद्र प्रताप सिंह) द्वारा पूर्व नगर उपाध्यक्ष सुभाष मिश्रा एवं अरुण कुमार सोनी के नाम कर दी गई है।

मामला तब उजागर हुआ जब उक्त खरीदारों ने जमीन के नामांतरण (दाखिल-खारिज) के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन दिया। यह जानकारी मिलने के बाद वर्तमान भू–मालिकों ने विरोध जताते हुए अंचल अधिकारी को सामूहिक आवेदन सौंपा।
आपत्ति दर्ज कराने वालों में विजय यादव, उदय यादव, कृष्ण मुरारी यादव, मुरारी यादव, कृष्णा यादव, धनेश्वर यादव, मुनि देवी, अमृत यादव, अनिल यादव समेत कई अन्य शामिल हैं।

विजय यादव ने आरोप लगाया कि यह रजिस्ट्री पूरी तरह फर्जी है। रजिस्ट्री में विक्रेता स्नेहप्रभा देवी ने खुद को बाबी श्याम सुंदरी देवी की इकलौती पुत्री बताया है, जबकि वास्तव में उनकी छह संतानें हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जमीन उनसे छीनी गई तो वे आर–पार की लड़ाई लड़ेंगे।
उन्होंने कहा, “हम दस साल से इस जमीन पर बसे हैं, अब किसी भी कीमत पर अपना घर नहीं छोड़ेंगे। न्याय के लिए जान भी देनी पड़ी तो देंगे।”

अंचल कार्यालय में अब यह मामला विवादित जमीन श्रेणी में दर्ज हो गया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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