समाज जागरण रंजीत तिवारी रामेश्वर वाराणसी किसी भी ग्राम संगठन की सफलता का मूलमंत्र होता है लेखांकन प्रक्रिया उसकी जानकारी की कुशलता ही हमारी सफलता है। उक्त बातें उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में चल रहे ग्राम संगठन पुस्तक संचालकों के पाँच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही। प्रशिक्षक सुमैया खातून एवं अनुराधा भारद्वाज द्वारा प्रतिभागियों को आज के सत्र में विभन्न प्रकार के फंड आरएफ, स्टार्टअप, सीसीएल, आजीविका फंड, जोखिम निवारण निधि व लेखांकन पुस्तकों के प्रकार अंतर्गत कार्यवाही पुस्तिका, उपस्थिति पुस्तिका व सामान्य खाता बही के बारे में तथा ऋण एवं बचत पुस्तिका की आवश्यकता व भरने का तरीका बताया गया और सभी प्रतिभागियों से फार्मेट पर अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सत्र प्रभारी सुरेश तिवारी, अमरनाथ द्विवेदी, नीरज कुमार, ज्योति पटेल, धनसीरा पटेल, पिंकी पटेल, रेनू, राधा, रीना देवी, दीपकला,सरिता राजभर, काजल पटेल, रीना भारद्वाज, चंदना पटेल, रबीना, पूजा वर्मा, रुकसाना बेगम, नीलम सरोज, सरिता देवी, रिंका देवी,लक्ष्मी गुप्ता, सुमित्रा देवी, कुसुम देवी, सुमन कुमारी, सुशीला कुमारी, पूजा देवी, लालती कुमारी सहित वाराणसी जनपद के विकास खण्ड सेवापुरी, बड़ागांव, पिंडरा, हरहुआ व काशीविद्यापीठ से चयनित 40 ग्राम संगठन पुस्तक संचालकों की उपस्थिति रही।
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