बिजुरी :- अनूपपुर जिले के धनादय नगर पालिका के नाम से जाया जाने वाली नगर पालिका बिजुरी मे बीते कार्यकाल के दौरान करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर हुआ था जिसमें नगरी प्रशासन विभाग द्वारा जांच कर फिर के आदेश दिए गए थे तत्पश्चात लोकायुक्त रीवा द्वारा दोषी व्यक्तियों पर 409,420,467,468,471 एवं 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया था जिसमें जनप्रतिनिधियों सहित कर्मचारी व ठेकेदारों के ऊपर भी मामला तर्ज हुआ था जिसमें कई बड़े-बड़े भ्रष्टाचार का उजागर भी हुआ लेकिन समय बीतता गया कुछ लोगों को हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत भी मिले और कुछ लोगों का जमानत भी निरस्त हो गया लेकिन एक कहावत है कि “पैसा खुदा तो नहीं पर खुदा से कम भी नहीं” पैसे कमाने के लिए अपने आप को सफेद पोस नेताओं के साथ रहकर स्वच्छ छवि दिखाते हुए दर्ज मामले पर आरोपी पूरे दिन अपनी हुकूमत जमाते हुए कर्मचारियों पर आदेश व कार्यों का बटवारा कर फिर से भ्रष्टाचार को अंजाम देने का कार्य शुरू कर दिया गया है जो नगर के चौक चौराहे पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है चर्चा यह भी है कि करोड़ों के भ्रष्टाचार मे जो लोग सनलिप्त रहे वह व उनके लोग नपा में बैठकर पूरे दिन फाइल लेकर दफ्तर दफ्तर घूमते दिखाई देते और कुछ लोग केबिन में बैठकर तुगलती फरमान जारी करते हैं और फिर शुरू होता है छोटी-छोटी फाइलों को बनाकर मरम्मत रिपेयरिंग पुताई व सप्लाई व डीजल के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल…!! यदि वर्तमान परिषद के कार्यकाल की लोकायुक्त टीम द्वारा सुछमता से जांच करें तो पुणे भ्रष्टाचार की कलई खुल सकती है! जिस प्रकार से करोडो के भ्रस्टाचार मे आरोपी का लगता है नगर पालिका बिजुरी मे जमावड़ा… जनता के खून पसीने के कमाई का राजस्व वसूल जनता के हक पर डाका डालने का कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि दुबारा भ्रष्टाचार को अंजाम देने का किया जा रहा है मरम्मत, रिपेयरिंग व जीरो से लेकर 1लाख तक की फाइलों में जमकर भ्रष्टाचार करते हुए शासन के पैसों की छती की जा रही है करोड़ों खर्च होने के बाद भी नगर का विकास तो कोसों दूर है परन्तु पुराने भ्रष्टाचारियों व आरोपियों का विकास जारी है जिस प्रकार से छोटी-छोटी फाइल बनाकर सप्लाई मरम्मत हुआ गुड़वत्ता पूर्ण निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है तो यह कहना भी उचित होगा कि पुरानी राह पर नई परिषद सहित पुराने आरोपी के सह पर पूरे दिन नपा में बैठकर कर्मचारियों को ऊपर आदेश चलाना व विकास का डंका पीट कर खुद के विकास में सरकारी पैसे का दोहन किया जा रहा है जोकि नगर में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि पुराने भ्रष्टाचारियों के हाथ में ही नई परिषद की कमान दे दिया गया है तो ऐसे में किस प्रकार नगर हित में विकास हो पाएगा हालांकि पुराने भ्रष्टाचार मामले में लोकायुक्त रीवा द्वारा मामला दर्ज किया गया है सूत्रों की माने तो बचे हुए लोगों पर भी चलते फिर दर्ज हो सकती है…!!
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