बुढार। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की 14 फरवरी को गोली मारकर की गई नृशंस हत्या के विरोध में सोमवार को अधिवक्ता संघ बुढार ने न्यायालयीन कार्य से पूर्णतः विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया। वकीलों ने घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित तहसीलदार बुढार को सौंपते हुए कहा कि लंबे समय से वकीलों की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में अधिवक्ताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। डबरा में अधिवक्ता चन्द्रभान सिंह मीना सहित कई घटनाओं ने वकीलों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। करेरा में दिनदहाड़े हुई हत्या ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।

बताया गया कि 15 फरवरी को मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद की विशेष सामान्य सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 16 फरवरी को न्यायालयीन कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।
इस दौरान न्यायालय परिसर में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर शोकसभा आयोजित की गई। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



