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17 महीने बाद फिर मशीनों की गड़गड़ाहट से गूंजेगी कनहर सिंचाई परियोजना

पुनरीक्षित परियोजना का 50 करोड़ पहुंचा सोनभद्र

विस्थापन पैकेज और निर्माण कार्य दोनों पकड़ेगी गति.

संवाददाता/ आनन्द कुमार।
दैनिक समाज जागरण

दुद्धी/ सोनभद्र। कनहर सिंचाई पुनरीक्षित परियोजना का 50 करोड़ का पैकेज शनिवार को सोनभद्र पहुंच गया। लगभग 17 महीने से बंद पड़ी क्षेत्र की अतिमहत्वाकांक्षी परियोजना की समस्त गतिविधियों के एक बार पुनः गतिशील होने की संभावनाएं बलवती होती नजर आने लगी हैं। परियोजना स्थल पर एक बार फिर मशीनों के गरजने की आवाज सुनाई पड़ने का समय आ गया है।
कार्यदायी संस्था एचईएस इंफ़्रा प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि कनहर सिंचाई पुनरीक्षित परियोजना की लागत रुपये 3394.65 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत होने के उपरांत 50 करोड़ की राशि शनिवार को सोनभद्र पहुंच गई। इसके साथ ही पुराने बकायेदार जिनमें अधीनस्थ सप्लायर के साथ-साथ कर्मचारियों की लंबित पेमेटों को भुगतान करने में थोड़ी सहूलियत मिलेगी। हमें उम्मीद है कि शेष धनराशि भी जल्द अवमुक्त की जाएगी। तत्पश्चात परियोजना निर्माण के अवशेष कार्य विस्थापन पैकेज वितरण को अतिशीघ्र संपादित करने के लिए कदम उठाया जाएगा।
बताना मुनासिब होगा कि वर्ष 1976 में संगे बुनियाद रखी जाने वाली कनहर परियोजना यूपी की एक ऐसी अनोखी परियोजना है, जिसका 45 साल के सफर में तीन बार शिलान्यास हुआ। एक तरफ जहां शिलान्यास दर शिलान्यास का सिलसिला जारी रहा। वहीं कभी धरातल पर तो कभी कागज पर निर्माण को गति देने का सिलसिला भी बना रहा। वहीं परियोजना की लागत भी 27.25 करोड़ से बढ़कर लगभग 3400 करोड़ पहुंच गई। मौजूदा वक्त में 45 साल बाद कनहर परियोजना के मुख्य हिस्से कनहर बांध का निर्माण पूरा हो गया है। कनहर सिंचाई पुनरीक्षित परियोजना का धन अवमुक्त होते ही एक बार फिर शेष बचे निर्माण के साथ डूब क्षेत्र में विस्थापितों से जुड़े अनसुलझे मसले का हल अब निकलने की संभावना प्रबल हो गई है।


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