अनूपपुर। अमरकंटक
मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक, धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम, अब साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह स्थान अब केवल धार्मिक नहीं, बल्कि साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
दरअसल, अमरकंटक धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां स्थित कल्चुरी कालीन प्राचीन मंदिर समूह और जैन मंदिर की वास्तुकला श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है। नर्मदा, सोन और जोहिला नदियों के उद्गम स्थल के साथ-साथ कपिलधारा और दुग्धधारा जैसे विख्यात जलप्रपात इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए भी स्वर्ग बनाते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में लगभग 40 लाख पर्यटकों ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया है। अमरकंटक की यह बदलती तस्वीर न केवल पर्यटकों को एक नया अनुभव दे रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बना रही है। आने वाले समय में यह स्थल पर्यटन और विकास के लिए एक मिसाल बनेगा।
एडवेंचर गतिविधियों की नई शुरुआत
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और जिला प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से अमरकंटक में अब हॉट एयर बैलून, पैरासेलिंग, रोपवे जंपिंग, बोटिंग और मोटर बाइक राइड जैसी रोमांचक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। सभी आयु वर्ग के पर्यटकों के लिए यह गतिविधियां एक अनोखा अनुभव प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा, कपिलधारा वाटरफॉल पर शुरू किया गया कैंटीलीवर ग्लास व्यू प्वाइंट एडवेंचर पर्यटन को और भी खास बना रहा है।
इको टूरिज्म और होमस्टे का विस्तार
शंभूधारा क्षेत्र में इको टूरिज्म स्पॉट विकसित कर ट्रेकिंग रूट चिन्हांकित किये गए हैं, शम्भूधारा से पंच धारा होते हुए कपिलधारा और कबीर चबूतरा से रूद्रगंगा होते हुए सोनमुड़ा का ट्रेक पर्यटकों को प्रकृति के अद्भुत सौन्दर्य को करीब से देखने का अनुभव देगा जो बहुत ही रोमांचित कर देने वाला है| अमरकंटक से पुष्पराजगढ़ मार्ग पर ग्राम उमरगोहान में होमस्टे की सुविधा पर्यटकों के लिए ठहरने के विकल्प बढ़ा रही है। यह होमस्टे न केवल स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे, बल्कि पर्यटकों को ग्रामीण जीवन का अनुभव करने का भी मौका देंगे।
विकास कार्यों से बदलती तस्वीर
अमरकंटक में प्रसाद योजना के तहत विभिन्न विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। नर्मदा लोक का कार्य स्वीकृत होकर शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है |
नर्मदा जयंती 2025 की तैयारियां प्रारंभ
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के द्वारा प्रति वर्ष अमरकंटक में माँ नर्मदा जन्मोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता रहा है इसी क्रम में दिनांक 2,3,और 4 फ़रवरी 2025 को होने जा रहे आयोजन की तैयारियां भी ज़ोरों पर हैं |
पर्यटकों की संख्या में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी
अमरकंटक में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इसकी लोकप्रियता में हो रहे इज़ाफे को दर्शाता है। वर्ष 2023 में जहां 36,12,056 पर्यटक पहुंचे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 39,56,675 हो गई। इसमें 2023 में 56 विदेशी पर्यटक थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 23 रह गई। हालांकि, देशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो स्थानीय और साहसिक पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और विकास कार्यों का परिणाम है।
“अमरकंटक में पर्यटन को बढ़ावा देने निरंतर विकास कार्य किये जा रहे हैं, सभी स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है | अमरकंटक को एडवेंचर टूरिज्म के रूप में भी विकसित किया जा रहा है आने वाले दिनों में अमरकंटक का एड्वेंचर टूरिज्म पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा |”
- श्री हर्षल पंचोली, कलेक्टर अनूपपुर
“अमरकंटक प्रदेश के एतिहासिक स्थल के तौर पर देखा जाता है , वहां पर्यटकों के लिए नित नये नवाचार किये जा रहे है, उसी के परिणाम के तहत अमरकंटक व आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों का अपार स्नेह मिल रहा है , अगले वर्ष भी पर्यटक विभाग क्षेत्र में नए नवाचार कर ये आंकड़ा और बढ़ाने के कोशिश की जायेगी” – श्रीमती बिदीशा मुखर्जी, अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग
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