डरना ही विकल्प नही वल्कि समुचित व्यवस्था करके अन्य क्षेत्र में प्रवेश कराना ही सुरक्षा है
दैनिक समाज जागरण संवाद दाता विपुल गोस्वामी
फतेहपुर , आसपास क्षेत्र के लोग आतंक के साए में जी रहे हैं ,जैसे ही समाचार मिला की जामताड़ा जिला में 40 हाथियों का झुंड प्रवेश कर चुका है, लोग त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे हैं। रात के अंधेरे में हाथियों का झुंड कहीं भी किसी भी दिशा में जा सकता है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र में आतंक का माहौल बन गया है। रात के अंधेरे में लोग चैन से नहीं सो पा रहे हैं ,कहीं ना कहीं हाथी के झुंड गांव में प्रवेश न कर जाएं ।बहुत से ऐसे गांव भी है जिसमें लोगों की जानकारी नहीं है कि हाथी जामताड़ा जिला में प्रवेश कर चुका है। जानकारों का मानना है कि सबसे बड़ी राहत का संकेत है कि बिजली व्यवस्था दुरुस्त होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्र सुरक्षित है, क्योंकि हाथी अंधेरा एवं घना जंगल की ओर ही जाता है। जहां उनका रहन-सहन के साथ खाने का चारा भी वृक्ष से प्राप्त हो जाता है। फतेहपुर थाना क्षेत्र में घना जंगल एवं छोटे छोटे पर्वत का कमी नहीं है ,इसी वजह से भी लोग सहमे सहमे हुए हैं तथा धान की खेती कम होना और उपर से हाथी धान खा जाय तो क्या होगा यह भी चिंता लोगों मे डेरा डालने लगा है। जानकार यह बताते हैं कि जब गजराज के झुंड क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं ,तो सभी सावधानियां बरते हुए गांव में मशाल जलाए आग जलाए समुचित बिजली बल्ब का व्यवस्था करके प्रकाश करें। डरना ही विकल्प नहीं है उससे सुनियोजित तरीक़ों से लड़कर दुर क्षेत्र में भगाना भी उचित है।
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