कोन/ सोनभद्र। पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे बर्बर हमलों और हिंदू युवक दीपू दास की नृशंस हत्या के विरोध में जनपद सोनभद्र के कोन में भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। शुक्रवार को विभिन्न हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और बांग्लादेशी हुकूमत के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कोन प्रखंड अध्यक्ष संतोष पासवान के नेतृत्व में बजरंग दल और विहिप के सैकड़ों कार्यकर्ता कोन में एकत्रित हुए। यहाँ से कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और बैनर लेकर एक विशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी बांग्लादेश मुर्दाबाद और युसूफ खान मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए कोन बाजार के प्रमुख मार्गों से होकर कोन तिराहे पहुंचे, जहाँ आक्रोशित भीड़ ने पुतला दहन किया।
सड़क से संसद तक होगा आंदोलन
कोन तिराहे पर सभा को संबोधित करते हुए सुशील चौबे ने अत्यंत कड़े शब्दों में बांग्लादेश की घटनाओं की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की सरकार के संरक्षण में हिंदुओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है। निर्दोष हिंदुओं को जिंदा जलाया जा रहा है और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में हस्तक्षेप कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश के विरुद्ध ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चुप बैठने वाला नहीं है हिंदू समाज
प्रदर्शन के दौरान जिला मंत्री हरिशंकर वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार पर भारत के भीतर कुछ समुदायों की चुप्पी दु:खद है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह हिंसा तुरंत नहीं रुकी, तो विहिप के आह्वान पर बांग्लादेश कूच करने से भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हिंदू समाज अन्याय के खिलाफ सड़क से संसद तक अपनी आवाज उठाएगा। इस विशाल विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रखंड अध्यक्ष संतोष पासवान, हृदय निवास पाण्डेय, सुनील मिश्रा, दीपक गुप्ता, सुशील चतुर्वेदी, अनिल चतुर्वेदी, राजेश जा. वीरेंद्र गुप्ता सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में विहिप प्रखंड अध्यक्ष संतोष पासवान ने सभी ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे अत्याचार के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद रखेंगे और उन्होंने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम का संचालन हृदय निवास पाण्डेय ने किया।
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