बलरामपुर में विदेशी फंडिंग से चला रहा था नेटवर्क, अब तक 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुका है जमालुद्दीन
✍️ संवाददाता, समाज जागरण
बलरामपुर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश एटीएस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी साथी नसरीन खातून को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर हिंदू लड़कियों और परिवारों के धर्मांतरण का आरोप है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह प्रत्येक जाति के अनुसार धर्मांतरण की कीमत तय करता था।
💰 जाति के अनुसार ‘धर्मांतरण रेट कार्ड’:
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विभिन्न जातियों की लड़कियों के लिए अलग-अलग रकम वसूलता था:
- ब्राह्मण/क्षत्रिय/सिख लड़कियाँ: ₹15 से 16 लाख
- पिछड़ी जाति की लड़कियाँ: ₹10 से 12 लाख
- अन्य जातियों की लड़कियाँ: ₹8 से 10 लाख
गिरोह शादी, इलाज, रोजगार और तंत्र-मंत्र के बहाने लड़कियों को फँसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराता था।
🧕 ‘हाजी पीर जलालुद्दीन’ बनकर करता था प्रचार
जमालुद्दीन खुद को ‘हाजी पीर जलालुद्दीन बाबा’ के रूप में प्रचारित करता था। वह बलरामपुर के उटरौला कस्बे में लंबे समय से सक्रिय था और वहां मजार, मदरसे व तंत्र-चिकित्सा केंद्र संचालित करता था।
🌐 विदेश से मिली 100 करोड़ रुपये की फंडिंग
ADGP ने बताया कि इस गिरोह को खाड़ी देशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग मिली है। यह पैसा हवाला के माध्यम से भारत लाया गया और इससे संपत्तियां, धर्मांतरण केंद्र और प्रचार सामग्री तैयार की गई।
🛫 40 से अधिक बार की विदेश यात्रा
जमालुद्दीन अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुका है। उसके पास कई पासपोर्ट, फर्जी पहचान पत्र और लेन-देन के दस्तावेज मिले हैं।
🕵️♀️ नेटवर्क पूरे देश में फैला
STF के मुताबिक यह कोई स्थानीय मामला नहीं है। इस गिरोह की जड़ें देश के कई राज्यों में फैली हैं। ATS ने इस गिरोह के अन्य सहयोगियों की तलाश शुरू कर दी है।
इस गिरोह से बालिकाओं की तस्करी, फर्जी विवाह और जालसाजी की अन्य कड़ियाँ भी जुड़ी हो सकती हैं।
📢 FIR दर्ज, छांगुर बाबा की संपत्तियों की जांच शुरू
ATS ने जमालुद्दीन के खिलाफ देशद्रोह, अनैतिक गतिविधियां, फर्जीवाड़ा व धर्मांतरण कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बलरामपुर में उसके मकान, जमीन और बैंक खातों की जांच की जा रही है।
🚨 सरकार ने दिए सख्त निर्देश
प्रशासन ने कहा है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील अपराधों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से एटीएस को सीधे निगरानी में रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
📌 समाज जागरण का सवाल
क्या यह मामला सिर्फ धर्मांतरण का है या देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी गहरी साजिश का हिस्सा?
🖋️ रिपोर्ट: विशेष संवाददाता, समाज जागरण
📍 बलरामपुर/लखनऊ ब्यूरो इनपुट सहित एआई से इनपुट लिया गया है।



