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सीओ की सरकारी गाड़ी की टक्कर से महिला की मौत के मामले में, आजाद अधिकार सेना ने निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की

विजय शंकर पांडेय/ समाज जागरण

सोनभद्र। जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र में मुर्धवा मोड़ के पास 55 वर्षीय अस्पताली देवी (पति: कमलेश सिंह, निवासी खाड़पाथर) की दर्दनाक मौत हो गई। वह अपने परिवार के लिए भोजन लेकर पैदल जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार में आ रही सीओ पिपरी हर्ष पांडेय की सरकारी गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया।


घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में मौजूद सीओ हर्ष पांडेय, चालक अवधेश और गनर सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों को तुरंत हिंडालको अस्पताल ले जाया गया, यह केवल सड़क हादसा नहीं है, बल्कि सरकारी वाहन की तेज रफ्तार और गंभीर लापरवाही का परिणाम है। एक सामान्य नागरिक की जान चली जाना अत्यंत दुखद और अस्वीकार्य है। घटनास्थल और पीड़ित परिवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, FIR दर्ज करने में विलंब किया गया और मृतक के परिजनों से सादा कागज पर हस्ताक्षर कराकर ट्रक से टक्कर की कथित फर्जी कहानी बनाने का प्रयास किया गया। यदि यह तथ्य सत्य हैं, तो यह कानून का उल्लंघन और न्याय से बचने का गंभीर प्रयास है।
आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष शोभित सिंह ने घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संगठन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इसके अलावा, परिवार के साथ फोन पर भी बातचीत कर न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दर्ज कराई गई।


आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने इस घटना को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव, डीजीपी उत्तर प्रदेश और अपर मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखकर घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में सभी तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सुरक्षित करने और यदि किसी प्रकार का दबाव या फर्जीवाड़ा हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात स्पष्ट की गई है।


आजाद अधिकार सेना की मांगें: 1. सीओ हर्ष पांडेय, चालक और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 302/304A समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। 2. स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच उच्चस्तरीय समिति द्वारा कराई जाए; CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सुरक्षित किए जाएं। 3. परिवार को मुआवजा और पुनर्वास: मृतक परिवार को ₹25 लाख का त्वरित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। 4. यदि किसी प्रकार का दबाव या सादा कागज पर हस्ताक्षर कराया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
आजाद अधिकार सेना इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। संगठन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


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