भारत विकास परिषद शाखा बहल द्वारा गुरु वंदन छात्र अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में किया गया

पूर्व प्रांतीय संयोजक डॉक्टर एनपी गौड़ ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु शिष्य संस्कृति की जो अभूतपूर्व संपदा लुप्त होती जा रही है उसको पुनर्जीवित करना है ।

शाखा बहल द्वारा समय-समय पर विशाल दिव्यांग एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता

दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता। ( महेन्द्र जावला बहल )

बहल, 22 अप्रैल । पिछले वर्ष के शिक्षकीय सत्र में भारत विकास परिषद की बहल शाखा द्वारा गुरु वंदन – छात्र अभिनंदन का कार्यक्रम बहल के विभिन्न स्कूलों में आयोजित किया गया था परंतु कुछ अपरिहार्य कारणवश बहल के ज्ञान भारती पब्लिक सेकेंडरी स्कूल में इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका था । अतः इस कार्यक्रम गुरु वंदन छात्र अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान भारती पब्लिक सेकेंडरी स्कूल बहल में किया गया । कार्यक्रम का आरंभ भारत विकास परिषद की प्रथानुसार सारी औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात वंदे मातरम गायन से किया गया ।

विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य श्रीमती सुमन बाला द्वारा पधारे हुए अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया । उपाध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार यादव , प्रधानाचार्य , मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल , बहल के द्वारा भारत विकास परिषद का परिचय कराया गया एवं शाखा बहल द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक उत्थान के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा की शाखा बहल द्वारा समय-समय पर विशाल दिव्यांग एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता रहता है , जिसमें अनेक दिव्यांगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए जाते हैं तथा रक्तवीर बड़ी संख्या में चढ़कर भाग लेते हैं ।

इसके साथ संस्कृति सप्ताह का आयोजन किया जाता है जिसमें पर्यावरण जल संरक्षण, गौ सेवा पर गोष्ठी एवं पौधारोपण किया जाता है । स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन एवं विभिन्न भारतीय त्यौहार जैसे हरियाली तीज , होली,दीपावली, विजया दशमी आदि को वैदिक भारतीय संस्कृति के अनुसार मनाने की संतुति की जाती है । बालिका दिवस पर जरूरतमंद छात्राओं को आवश्यक सामान सामग्री भेंट की जाती है । डॉo एन पी गौड़, पूर्व प्रांतीय संयोजक भारत विकास परिषद ने गुरू वंदन छात्र अभिनंदन पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से गुरुओं की महिमा पर कहा कि देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है उस देश के युवाओं को शिक्षा देने वाला कौन है । शिक्षक छात्रों को अच्छे विचार देते हुए सही गलत का बोध कराते हैं ।

जिम्मेदार नागरिक व सहनशील बनाकर उनके टैलेंट को निखारते हैं । डॉक्टर गौड़ ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु शिष्य संस्कृति की जो अभूतपूर्व संपदा लुप्त होती जा रही है उसको पुनर्जीवित करना है । तत्पश्चात मेघावी छात्रों और छात्रों को गिफ्ट व प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहित किया गया और विशिष्ट अध्यापकों को भी शॉल , गिफ्ट व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । आशा है हमारे इस प्रयास से परिषद का प्रयास सफल होगा और शिक्षक भी शिक्षा के नए आयाम स्थापित कर अपने कर्तव्य का और अच्छा निर्वहन करेंगे । अतिथियों को अध्यक्ष गोविंद राम के निर्देशानुसार स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए । मंच का संचालन अध्यापक अनिल शर्मा ने सफलतापूर्वक किया । कार्यक्रम की समाप्ति राष्ट्रगान के गायन के पश्चात हुई।

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