
बिहार की राजनीति अबकी 2024 की लोकसभा में करवट लेकर प्रयोगवादी विचारधारा तहत कूटनीति का नया विषाद जरूर बिछाएगी । जिस की सुगबुगाहट अभी से ही देखने को मिल रही है । बिहार की औरंगाबाद लोकसभा सीट भाजपा की सेफ सीट मानी जाती है। हां वह बात अलग है की औरंगाबाद के अनुग्रह नारायण सिंह का परिवार जब भी भाजपा के विरोध बगावत का बिगुल फूंका लगभग उस परिवार को सफलता ही मिली इसका श्रेय कांग्रेस का नहीं बल्कि कहीं ना कहीं इस परिवार के त्याग का है जो उन्हें सम्मान स्वरूप स्वर्गीय श्यामा सिंह एवं निखिल कुमार को मिली 2024 की लोकसभा जहां वर्तमान में भाजपा के पास है, परंतु उम्र की थकान में भी खुद को युवा सोच के साथ खड़ा कर अपने द्वारा नबीनगर पावर प्लांट जैसे विकास की जो नीव रखी थी उसे अपनी जिंदगी के अंतिम पड़ाव में साकार कर अपनी मिट्टी का फर्ज अदा कर सके । क्या 40 डिग्री सेंटीग्रेड क्या 44 डिग्री सेंटीग्रेड का तापमान बस निकल पड़े अपने क्षेत्र में नहीं नहीं अपना घर । निखिल जी के पास देने के लिए आज अपने मिट्टी के भाई बहनों अपने बच्चों के लिए उनकी सरस्वती उनकी विद्वता से ज्यादा उनकी कर्मठता की है । जिसे देखकर सुकून की नींद पाने का ख्वाब ही उन्हें औरंगाबाद लाया है । कूटनीति के विषाद पर औरंगाबाद लोकसभा सीट में यह तो यह सच्चाई जरूर है कि निखिल जी का व्यक्तित्व भ्रष्टाचार के किताब का राम है। ऊपर से ऊपर से विद्वान और जन्म लिए राजनीतिक घर आने में यानी राजनीति कूटनीति उनके खून में है वह औरंगाबाद क्षेत्र का युद्ध स्तर से जनसंपर्क अभियान चला रखा है वह औरंगाबाद मुख्यालय से एक अकेला स्कॉर्पियो से चार-पांच आदमी निकलते हैं । भ्रमण में उनकी सादगी की कारवां के साथ जनमानस की हुजूम जुड़ती चली जाती है । उनको कहीं ना कहीं अपना आइडियल मानते हैं । इस बार बिहार की राजनीतिक समीकरण भी बड़ी तेजी से बदल रही है। बिहार जातीय समीकरण पर वोट डालने में माहिर है और 2024 के लोकसभा पिछली लोकसभा के चुनाव के कई जातीय समीकरण में फेरबदल होगा ही होगा। या बिहार की राजनीति में हो रही घटनाक्रम से स्पष्ट देखी जा सकती है । औरंगाबाद लोकसभा सीट की भी जातीय समीकरण निखिल जी की कुशल नेतृत्व में बदली जा सकती है । इस बार औरंगाबाद युवा वोटर के मामले में अच्छी खासी आबादी रखता है । जो निखिल जी की विकास रथ तक लाई जा सकती है । भाजपा की राह अबकी क्लिन स्वीप वाली नहीं रहेगी ।युवाओं का कहना है औरंगाबाद की कि मोदी जी भ्रष्टाचार से जगाया। तब हमारे निखिल जी तो भ्रष्टाचार से संघर्ष किए उस जमाने में जब इमानदारी किसी की बची नहीं थी । आज उनकी तूफानी दौरा इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में भी हुआ । ग्राम पड़रिया निवासी कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी श्री मिथिलेश कुमार सिंह श्री विश्वनाथ सिंह मीणा कुमार रवि सिंह अभिषेक कुमार अमित कुमार कुणाल कुमार छोटे सिंह करणवीर सिंह विशाल सिंह मोनू सिंह एवं विकास सिंह आदि गणमान्य लोगों ने माला पहनाकर स्वागत किया लोगों से मिले फिर कारवां इमामगंज कोटेदार के लिए निकल पड़ा । इस गर्मी में भी लोग उनके कारवां में शामिल होकर इस बार बगावत का मिजाज बता रहे हैं । कृषि, स्वास्थ्य ,शिक्षा ,रोजगार की कितनी क्वालिटी बेहतर की जा सकती है । यह प्लान लिए बस निखिल जी लोगों से मिलकर उनकी राय इकट्ठा कर रहे हैं । अब देखना है कि महागठबंधन कांग्रेस को सीट देती है या जद यू को। या महागठबंधन चुनाव जीतना चाहती है । कांटे की टक्कर भाजपा को देना चाहती है । और ऐसा महागठबंधन अगर चाहती है तब उन्हें व्यक्तित्व को महत्व देकर निखिल कुमार पर विश्वास करना चाहिए । क्योंकि यह आवाम पसंद चेहरा है
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