
बिहार के पुलिस अगर इसी तरह की कार्य करने में सफल हुए तो लगता है कि बिहार से अपराध मुक्त हो जाएगा और नीतीश कुमार के सुशासन राज्य जल्द ही बिहार में स्थापित हो जाएगा।
1985 से विभिन्न कांडों में जिस बालू माफिया का तलास बिहार के गया पुलिस को था वह चंद घंटों में गया पुलिस ने पदस्थापना के साथ कर दिखाया और जेल के शिकंजे में जकड़ दिया। वही चंद दिनों में गया पुलिस ने विभिन्न कांडों के आरोपित 145 अपराध कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बड़े से बड़े अपराधी लगातार बिहार के गया जिले में जेल जा रहे हैं। वही बिहार राज्य के औरंगाबाद जिले में अपराध कर्मियों की संरक्षक थानेदार एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध बिहार प्रदेश के पुलिस महानिदेशक महोदय ने औरंगाबाद एसपी को जांच का आदेश दिया है।
लगता है नए वर्ष 2023 के तोहफे में औरंगाबाद को मिले नया एसपी औरंगाबाद जिले से भी पुलिस संरक्षण में बढ़ते अपराध को खत्म करके ही चैन की सांस लेगी।
अगर बदले की भावना से ऊपर उठकर सरकार की यह कार्रवाई बिहार में होंगे तो बिहार में बिहार सरकार के माननीय मुखिया नीतीश कुमार जी के सुशासन राज अवश्य लोगों को दिखाई देंगे। और सत्ता सौंपने का आनंद विहार वासी सचमूच में उठा पाएंगे।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



