📍 पटना (बिहार), 25 अप्रैल | Urban Development News
बिहार के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सात प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण पर 30 मार्च 2027 तक रोक लगा दी गई है।
🏗️ 7 शहरों में विकास पर अस्थायी रोक
सरकार ने यह कदम भविष्य की योजनाबद्ध शहरी विकास नीति के तहत उठाया है। जिन शहरों में यह रोक लागू होगी, वे हैं:
- पटना
- सोनपुर
- गया
- दरभंगा
- सहरसा
- पूर्णिया
- मुंगेर
इन सभी क्षेत्रों में अब भूमि उपयोग और निर्माण कार्य मास्टर प्लान के तहत नियंत्रित होगा।
🛰️ 11 आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप का प्लान
राज्य सरकार ने 11 आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए नगर विकास विभाग को Master Plan 2031 के तहत जोनल प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
🌆 प्रमुख टाउनशिप प्रोजेक्ट
- पटना के पुनपुन क्षेत्र में “पाटलिपुत्र टाउनशिप” (81,000 एकड़)
- Sonepur में 33,000 एकड़ विकास
- गया में “मगध टाउनशिप” (22,000+ एकड़)
पटना जंक्शन से मात्र 20 किमी दूर यह नया शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
🏙️ नवी मुंबई मॉडल पर विकास
इन टाउनशिप को Navi Mumbai की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें:
- चौड़ी सड़कें
- हरित पार्क
- आधुनिक बाजार
- नियोजित आवासीय सेक्टर
शामिल होंगे।
📈 सरकार का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना अनियोजित शहरीकरण को रोककर बिहार को आधुनिक और निवेश अनुकूल राज्य बनाएगी। इससे नए रोजगार और आर्थिक केंद्र विकसित होंगे।
⚠️ प्रभाव और प्रतिक्रिया
फिलहाल जमीन मालिकों में इस फैसले को लेकर हलचल है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिहार के शहरी विकास के लिए एक “गेम चेंजर” साबित हो सकता है।



