ये कौन बतायेगा कि पानी शुद्ध है…?

जिला मुख्यालय में करीब दो दर्जन भर से जार वाटर प्लांट स्थापित हैं, जिनमें पानी कैसा भरा जाता या फिर वह पानी मानव जीवन के लिए कितना शुद्ध है यह बताने वाला कोई नही है, जिसके कारण करीब करीब शहर व शहर से लगे ग्रामीण अंचलों में निवासरत लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसकी अनुमति लेने और देने की प्रक्रिया ही जिम्मेदारों ने भुला दी है, जिसका खामियाजा आम जन भुगत रहे हैं। शहर के घरों से लेकर शादी पार्टी और तमाम कार्यों में इनका उपयोग तो है परंतु यह जारों में आने वाला पानी कितना सुरक्षित या असुरक्षित है इसको बताने वालों ने आंख बंद कर रखी है।
शादी के सीजन में बढ़ी डिमांड
इन दिनों शहर से लेकर गांव तक शादियों का सीजन है और जार वाले पानी की डिमांड अधिक हो गई। बताया जाता है कि लगभग 5-7 लाख लीटर पानी शहर के लोगों तक पहुंचाया जाता है, इसकी शुद्धता कहां और कैसी नापी जाती यह कोई नहीं जानता है और न ही मापने की जरूरत महसूस की गई। हालांकि यह कहने में अतिशयोक्ति नहीं हैगी कि मानव जीवन को शुद्ध पानी देने का वादा करने वाले जिम्मेदारों ने आमजन का भला कम अपना भला अधिक कर लिया है….।
इनका कहना है
मेरे नालेज में अभी तक किसी के पास प्लांट की अनुमति नहीं है और इसके लिए नगर पालिका के अलावा अन्य विभाग भी जिम्मेदार होते हैं..
देव कुमार गुप्ता, इंजीनियर नगर पालिका उमरिया
मेरी जानकारी में केवल दो लोगों के पास ही अनुमति है, सभी की जानकारी मंगाई जायेगी और जो होगा कार्यवाही होगी..
किशन सिंह, सीएमओ नगर पालिका उमरिया
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