सातवें वेतन आयोग के अनुरूप संविदा कर्मियों के वेतन, सेवानिवृत्ति लाभ और भत्तों में संशोधन का मुद्दा भी उठा
नई दिल्ली। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के कर्मचारियों ने वेतन संशोधन, सेवानिवृत्ति लाभ में वृद्धि, भत्तों में बदलाव और त्योहार अग्रिम की बहाली सहित कई लंबित मांगें प्रबंधन के सामने रखी हैं। नौ अक्टूबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय परिषद की 41वीं बैठक में कर्मचारी पक्ष ने इन मुद्दों को उठाते हुए लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग की।
वेतन संशोधन का प्रस्ताव अब भी लंबित
बैठक में कर्मचारी पक्ष ने गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वेतन संशोधन में हो रही देरी पर चिंता जताई। बीएसएनएल प्रबंधन और मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के बीच आठ अक्टूबर 2025 को वेतन संशोधन समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद बीएसएनएल बोर्ड ने 12 फरवरी 2026 को सरकारी मंजूरी के लिए प्रस्ताव दूरसंचार विभाग को भेजा था।

हालांकि, इस मामले में अब तक अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। बैठक में प्रबंधन ने बताया कि प्रस्ताव के निस्तारण में तेजी लाने के लिए दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल के अधिकारियों के बीच बैठकें हो रही हैं।
संविदा कर्मियों के वेतन में संशोधन की मांग
कर्मचारी पक्ष ने संविदा कर्मियों के वेतन को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमान के अनुरूप संशोधित करने की मांग उठाई। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग भी की गई।
इस पर प्रबंधन ने मामले को देखने का आश्वासन दिया, लेकिन वेतन संशोधन लागू करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की।
सेवानिवृत्ति लाभ बढ़ाने की मांग
बैठक में बीएसएनएल में भर्ती कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कर्मचारी पक्ष ने सुपरएनुएशन बेनिफिट्स (एसएबी) में कंपनी के योगदान को बढ़ाने की मांग दोहराई।
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, दूसरे वेतन पुनरीक्षण समिति की सिफारिश के अनुरूप मूल वेतन और महंगाई भत्ते के कुल योग का 30 प्रतिशत योगदान निर्धारित किया जाना चाहिए। वर्तमान में यह योगदान 25.1 प्रतिशत बताया गया है।
कर्मचारी पक्ष ने दोनों के बीच 4.9 प्रतिशत अंक के अंतर को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि इससे गैर-कार्यकारी कर्मचारियों सहित अन्य पात्र कर्मचारियों के भविष्य के सेवानिवृत्ति लाभों की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
त्योहार अग्रिम और भत्तों पर भी नजर
बैठक में भत्तों में संशोधन और त्योहार अग्रिम की बहाली का मुद्दा भी उठाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रबंधन ने त्योहार अग्रिम को लेकर दो महीने के भीतर व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इसके लिए लागू होने की तारीख और विस्तृत शर्तों की आधिकारिक पुष्टि होने पर ही कर्मचारियों को वास्तविक लाभ की स्थिति स्पष्ट होगी।
कर्मचारियों को अंतिम फैसले का इंतजार
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में वेतन संशोधन, संविदा कर्मियों के वेतन, सेवानिवृत्ति लाभ और भत्तों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। फिलहाल वेतन संशोधन और सातवें वेतन आयोग के अनुरूप संविदा कर्मियों के वेतन पर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। कर्मचारियों की निगाहें अब प्रबंधन और दूरसंचार विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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