एक साल से ठंडे बस्ते में पड़ा है बुंडू के कोड़दा जमीन घोटाले की फाइल

संजय सिंह, ब्यूरो चीफ सह प्रभारी,समाज जागरण,
दक्षणी छोटा नागपुर प्रमंडल,

राँची (झारखंड ) 07मई 2023:-राजधानी में बुंडू के कोड़दा गांव में 1457.71 एकड़ जमीन फर्जी कागजात बनाकर बेच दी गयी. यह मामला वर्ष 2018 का है. पिछले वर्ष 2022 में तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए SIT का गठन कर पीड़ित ग्रामीणों की बातों को सुना था. रिपोर्ट तैयार कर भू-राजस्व विभाग भेज दिया था. साल भर से अधिक हो गये, उस रिपोर्ट का क्या हुआ अब तक कुछ पता नहीं. अब जमीन घोटाले में रांची के पूर्व डीसी छविरंजन की गिरफ्तारी के बाद यह संभावना जतायी जा रही है कि ईडी के स्तर से इस गड़बड़झाले को भी सामने लाया जायेगा।रैयतों और खरीदारों ने कमिश्नर को सौंपे थे अहम दस्तावेज । इस मामले को लेकर कोड़दा मौजा के रैयतों का प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर नितिन मदन कुलकर्णी से मिलकर कई अहम दस्तावेज भी सौंप चुके हैं. खरीददारों ने भी जमीन से संबंधित दस्तावेज सौंपे है. रैयतों ने दस्तावेजों के साथ राजस्व उप निरीक्षक व सीओ की जांच रिपोर्ट भी दिया. जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जिन लोगों ने जमीन बेची है उनके नाम से किसी प्रकार की जमाबंदी कायम नहीं है, खरीदार का भूमि पर दखल कब्जा भी नहीं है.

दलालों ने 1000 ग्रामीणों की जमीन का किया है सौदा

दलालों ने तकरीबन 1000 ग्रामीणों की जमीन का सौदा कर दिया गया जमीन की रजिस्ट्री भी हो गई. 27 फरवरी 2019 को दो रजिस्टर्ड डीड (केवाला नंबर 1881 व 1882) के तहत 1457.72 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री हो गई।

ऐसे हथकंडे अपनाकर किया फर्जीवाड़ा

मीन बेचने के लिये तमाम तरह के हथकंडे अपनाये गये थे, अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से 1457 एकड जमीन का नया दस्तावेज बनाया गया और दूसरी जमाबंदी खोल दी गयी. इतना ही नहीं, इलाकेदार पंजी भी बनायी गयी. उसी के आधार पर पंटू में ऑनलाइन तरीके से नाम चढ़ा दिया गया।
दलालों ने गैरमजरूआ आम, गैरमजरूआ खास और वन भूमि की जमीन को रैयती जमीन बताया. पारिवारिक कुर्सीनामा बनाया. उसमें दिखाया कि किन-किन परिवारों की यह जमीन है. फिर विश्वेश्वर मांझी और अन्य 17 लोगों द्वारा जमीन की बिक्री करा दी. जबकि, इसमें लगभग तीन सौ एकड़ वन भूमि बतायी जा रही है. पूरी जमीन की दो बार रजिस्ट्री हुई. दो डीड तैयार किये गए.

किन-किन गांवों की जमीनें बेची गयीं

कोइदा, तोडसाडी, बंगाहातू चुतरू, रेदा, बनाबुरू व ताउ, टोला कुडवाडीह, डोहूकोचा, गडाटोला व सारंजोन ।

जमीन का विवरण

अंचल बुंडू, मौजा कोड़दा, थाना संख्या-83, खेवट नंबर- 03, पोस्ट- एदलहातु, पंचायत – बारूहातू के खाता संख्या 01 से 103 तक रेयती जमीन है.

शाकंभरी बिल्डर्स और कोशी कंसल्टेंट के नाम हुई थी रजिस्ट्री

तब इसकी जांच कर रहे अफसरों को पता चला कि शाकंभरी बिल्डर्स और कोशी कंसल्टेंट के नाम पर इस जमीन की रजिस्ट्री की गयी थी. जब खरीदारों से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनके पास सभी दस्तावेज हैं. खेवटदार उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर अपना दावा बता रहे थे. खरीदार द्वारा अपनी कई बातें रख गयी। – कुल 1457 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री रातों-रात होने की बात सामने आयी थी, इसमें से 300 एकड़ वन भूमि की थी..

  • एसआइटी ने भी विभाग को दे दी है रिपोर्ट, विभाग को करनी थी कार्रवाई।
    इन रैयतों ने बेची है जमीनः विश्वेश्वर मांझी, मदनमोहन मांझी, दल गोविंद मांझी, विजय मांझी, विजय कुमार मांझी, राजकिशोर मांझी, बशिष्ट मांझी, राजेंद्र नाथ मांझी, शंकर मांझी, हरेकृष्ण मांझी, रामदास मांझी, प्रदीप मांझी, रासबिहारी मांझी, दिनेश्वर मांझी, सुनील मांझी, रमेश चंद्र मांझी, उमाकांत मांझी व गौरांग मांझी शामिल है।

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