■अवर अभियंता डीएन सिंह,धनीराम भार्गव,राजेश पाल,श्रवन कुमार निर्धारित सीमा के ऊपर फिर क्यों नहीं बदल रहे क्षेत्र(फील्ड)
अजय सिंह
सीतापुर। सरकार जहां शासनादेश जारी कर अधिकारियों के लिए नई दिशा निर्देश बनाती है ताकि विभागों की साफ-सुथरी छवि रहे,लेकिन अधिकारियों के द्वारा उसका पालन न करके यह जता दिया जाता है कि अधिकारी अभी पुरानी शैली पर ही कार्य कर रहे हैं। इन दिनों प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मलखान सिंह काफी सुर्खियों में नजर आ रहे हैं। जिसमें स्थानांतरण नीति पर जारी शासनादेश एक प्रमुख मुद्दा बन चुका है जो सरकार द्वारा 13 मई 2022 को जारी किया गया लेकिन अभी तक इस शासनादेश का पालन प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग में कैसे हो रहा है यह बड़ी बात निकल कर आ रही है कहने का मतलब साफ है कि इस आदेश का पालन जिस क्रम में होना चाहिए था उस क्रम में नहीं हो रहा है जो सवालिया निशान खड़ा करता है अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड मलखान सिंह पर, आखिर शासनादेश की अनदेखी कर क्यों मौन बैठे हैं, प्रांतीय खंड के बड़े साहब? क्या इनके लिए शासनादेश कोई मायने नहीं रखता है?शासनादेश महज दिखावा कागदी टुकड़े के अतिरिक्त और कुछ नहीं? इन सवालों के भंवर में प्रांतीय खंड(लोनिवि)के अधिशासी अभियंता मलखान सिंह फंसते दिख रहे हैं। बताते चलें कि उत्तर प्रदेश शासन से मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद के द्वारा जारी शासनादेश जिसमें समूह (ग) के कर्मचारियों को 3 वर्ष की अवधि पूरी होने के उपरांत निर्धारित पटल व क्षेत्र(फील्ड) से स्थानांतरित करने का आदेश है,परंतु यह आदेश अभी तक प्रांतीय खंड(लोनिवि) के अधिशासी अभियंता मलखान सिंह को शायद क्या प्राप्त नहीं हुआ, फिलहाल ऐसा तो हो नहीं सकता क्योंकि यह आदेश समूह (ग) की विभिन्न विभागों में तैनात कर्मचारियों के लिए है।परंतु इस शासनादेश का पालन प्रांतीय खंड(लोनिवि)के अधिशासी अभियंता मलखान सिंह,क्या करना ही नहीं चाहते? बताते चलें कि समूह(ग)के तहत आने वाले अवर अभियंता व बाबू पटल है जो 3 वर्ष से अधिक का समय बिता चुके हैं परंतु अपने स्थान से परिवर्तित नहीं हुए, इस तरीके शासन आदेश का पालन प्रांतीय खंड में किया जा रहा है अधिशासी अभियंता मलखान सिंह के द्वारा जो कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देना कहा जा सकता है। बताते चलें कि समूह(ग) की श्रेणी में आने वाले अवर अभियंता डीएन सिंह,धनीराम भार्गव,राजेश पाल,श्रवन कुमार निर्धारित समयसीमा से ऊपर का समय अपने निर्धारित क्षेत्र(फील्ड) कार्य कर चुके हैं हालांकि कई और कर्मचारी भी इस की श्रेणी में आ सकते हैं। लेकिन जब शासनादेश का पालन प्रांतीय खंड (लोनिवि) में सही तरह से हो ही नहीं रहा। तो कहना कठिन है की अन्य कर्मचारी भी काफी समय से अपने कार्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे हो सकते हैं।देखना यह है कि शासनादेश का पालन न करके प्रदेश नेतृत्व को कब तक यूं ही चुनौती देते रहेंगे अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग मलखान सिंह, क्योंकि शासन ने अगर संज्ञान लिया तो जांच कहां तक जा सकती है इसका अंदाजा लगाना जरा मुश्किल है लेकिन यह कहना सटीक होगा की अधिशासी अभियंता मलखान सिंह समेत प्रांतीय खंड पर गाज गिर सकती है।
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