*जय काली कल्याण करें*
दिवाकर पाठक,हजारीबाग (कंडाबेर)
जी हां मैं बात कर रहा हूं सूबे के चतरा जिले के सुप्रसिद्ध काली मंदिर की,जहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है। भक्त मां के दर पर अपनी कामना की पूर्ति के लिए आते हैं। बताया जाता है की यहां भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। यहां से भक्त खाली हाथ नहीं लौटते। यह प्राचीन मंदिर शहर के अव्वल मोहल्ला में गया मुख्य मार्ग पर स्थित है। नवरात्र आदि अवसर पर यहां विशेष भीड़ होती है।

अब हम यहां की लोक प्रसिद्धि के पैटर्न को समझते हैं। यहां के मुख्य पुजारी गोविंद मिश्र बताते हैं की उनके दादा व निवर्तमान पुजारी स्व.जयादत मिश्र ने मां के विग्रह की स्थापना करी थी। तब से अनवरत मां की अराधना यहां हो रही है। आगे बताते हैं की उन दिनों यहां प्लेग का प्रकोप एक गंभीर रूप ले चुका था,जो समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा था। इससे भारी संख्या में लोगों को क्षति हुई। लोग त्राहि त्राहि करने लगे थे। तब जाकर बुद्धिजीवियों ने यह निर्णय लिया की मां काली की स्थापना की जाय,इसी से इस रोग का शमन हो सकेगा। इसके बाद श्री मिश्र ने मंदिर का निर्माण कर जनकल्याण के लिए मां की स्थापना करी। तत्पश्चात मां ने ऐसी कृपा करी जिससे प्लेग का संक्रमण शक्तिहीन होकर समाप्त हो गया और फिर दुबारा आज तक कभी नहीं हुआ। ये है मां काली की कृपा जो अपने भक्तों का कल्याण करती है।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



