बाल संरक्षण व बाल विवाह रोकथाम पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, कानूनन अपराध है कम उम्र में विवाह
दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता। ( महेन्द्र जावला बहल )
भिवानी। बाल कल्याण समिति की ओर से शहर के हनुमान ढाणी स्थित विवेकानंद हाई स्कूल में बाल संरक्षण एवं बाल विवाह की रोकथाम को लेकर एक जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों को यह संदेश देना रहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा कम उम्र में विवाह करना न केवल सामाजिक बुराई है बल्कि कानूनन गंभीर अपराध भी है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बाल कल्याण समिति के सदस्य एडवोकेट धीरज सैनी तथा केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के अध्यक्ष शिवकुमार चित्रकार ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवेकानंद हाई स्कूल की निदेशक सावित्री यादव ने की, जबकि मंच संचालन राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने किया।
अपने संबोधन में एडवोकेट धीरज सैनी ने कहा कि बाल संरक्षण कानूनों का उद्देश्य बच्चों को शोषण, हिंसा, उपेक्षा और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से बचाना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या अन्याय की स्थिति में संबंधित अधिकारियों या बाल कल्याण समिति से संपर्क करने की अपील की।
शिवकुमार चित्रकार ने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना समाज की नींव को मजबूत करता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा हर बच्चे का अधिकार है। बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में बाधा बनता है, इसलिए इसे जड़ से समाप्त करने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है।
विद्यालय की निदेशक सावित्री यादव ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि सामाजिक व कानूनी जागरूकता भी प्रदान करें। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर हिट एंड रन कानून समिति भारत सरकार के सदस्य अशोक कुमार ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों पर ध्यान रखें, छोटी उम्र में उन्हें वाहन न चलाने दें, यातायात के नियमों का पालन करें।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं सैंकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में उपस्थित विद्यार्थियों को बाल संरक्षण और बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई, ताकि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी इस संदेश को पहुंचाए।
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