संदीप गर्ग / नोएडा : कम्युनिटी सेफ्टी और इमरजेंसी प्रिपेयर्डनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों ने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में तैनात फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव इमरजेंसी और ट्रॉमा रेडीनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम का सफल आयोजन किया। तीन घंटे के इस इंटेंसिव ट्रेनिंग सेशन का उद्देश्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स को प्रैक्टिकल और सिचुएशन-बेस्ड स्किल्स से लैस करना था, ताकि रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट जैसी आपात स्थितियों में समय पर और प्रभावी देखभाल दी जा सके, जहां हर मिनट जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
इस ट्रेनिंग सेशन में उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस श्री राजीव नारायण मिश्रा और डीसीपी नोएडा श्री यमुना प्रसाद शामिल थे। मैक्स हॉस्पिटल, नोएडा के एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी डिपार्टमेंट की अनुभवी मेडिकल टीम में डॉ. संजय कुमार जायसवाल (डायरेक्टर), डॉ. मधुलिका सिंह (एसोसिएट कंसल्टेंट), डॉ. पीयूषा अभय (एसोसिएट कंसल्टेंट) और डॉ. मोहम्मद सैफ (अटेंडिंग कंसल्टेंट) शामिल रहे। इसके साथ ही सोसाइटी फॉर इमरजेंसी मेडिसिन इंडिया (SEMI) से श्री नितेश कुमार गेस्ट के रूप में मौजूद रहे, जबकि मैक्स हॉस्पिटल, नोएडा से न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर और यूनिट हेड, डॉ. प्रांकुल सिंघल, और हॉस्पिटल ऑपरेशंस के यूनिट हेड श्री अरविंद पाहवा भी इस सत्र में शामिल हुए।
सेशन के दौरान मैक्स हॉस्पिटल, सेक्टर 128, नोएडा एवं पटपड़गंज के एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी विभाग के डायरेक्टर एवं एचओडी, डॉ. संजय कुमार जायसवाल, ने कहा “रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट आज भी एक बड़ी पब्लिक हेल्थ चुनौती बने हुए हैं और किसी भी हादसे के बाद के शुरुआती कुछ मिनट मरीज के परिणाम तय करते हैं। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मकसद फ्रंटलाइन वर्कर्स को वह प्रैक्टिकल नॉलेज और कॉन्फिडेंस देना है, जिससे वे इमरजेंसी में तुरंत और सही निर्णय ले सकें। मैक्स हेल्थकेयर का मानना है कि अस्पताल की दीवारों से बाहर जाकर ट्रेनिंग देना एक सेफ इकोसिस्टम बनाने के लिए जरूरी है। पुलिस और इमरजेंसी सर्विसेज के साथ ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के जरिए रोकी जा सकने वाली मौतों को कम किया जा सकता है और दुर्घटना पीड़ितों को तेज और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सकता है।“
ट्रेनिंग के दौरान ट्रॉमा केयर में “गोल्डन आवर” की अहमियत और मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। इंटरैक्टिव डिस्कशन के माध्यम से प्रतिभागियों को एक्सीडेंट साइट पर आने वाली रियल-वर्ल्ड चुनौतियों की समझ दी गई। इसके बाद सीन सेफ्टी, रिस्क असेसमेंट और ABC अप्रोच पर आधारित स्ट्रक्चर्ड मॉड्यूल्स कराए गए, जिन्हें रियल-लाइफ इमरजेंसी को दर्शाने वाले प्रैक्टिकल ड्रिल्स के जरिए मजबूत किया गया। इसमें ट्रायाज और डिसीजन-मेकिंग स्किल्स पर खास फोकस रहा।
पिछले एक महीने से नोएडा पुलिस और मैक्स हॉस्पिटल, नोएडा मिलकर एक व्यापक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों की क्षमता को मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर 128, नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट एवं यूनिट हेड – हॉस्पिटल ऑपरेशंस, श्री अरविंद पाहवा ने कहा “इमरजेंसी और ट्रॉमा रेडीनेस ट्रेनिंग जैसे इनिशिएटिव अस्पताल की सीमाओं से बाहर जाकर इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत करने की मैक्स हेल्थकेयर की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रोएक्टिव तरीके से जोड़कर और उन्हें ट्रेनिंग देकर हम एक ऐसे कोऑर्डिनेटेड और तैयार इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान दे रहे हैं, जहां समय पर किया गया हस्तक्षेप जीवन और मृत्यु के बीच फर्क पैदा कर सकता है। कानून व्यवस्था से जुड़े विभागों और इमरजेंसी सर्विसेज के साथ इस तरह का सहयोग ट्रॉमा के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने और हमारी कम्युनिटी के लिए सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाने में बेहद महत्वपूर्ण है।“ सेशन में ब्लीडिंग कंट्रोल, सेफ विक्टिम हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को टॉर्निकेट के उपयोग, शॉक मैनेजमेंट, स्पाइनल प्रिकॉशन्स, फ्रैक्चर स्टेबलाइजेशन, सीपीआर, एईडी के इस्तेमाल के साथ-साथ हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी इमरजेंसी में शुरुआती रिस्पॉन्स की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई। कार्यक्रम का समापन साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड, इफेक्टिव कम्युनिकेशन और एडवांस हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को सही हैंडओवर से जुड़े अभ्यासों और ओपन क्यू एंड ए सेशन के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने ट्रेनिंग के प्रैक्टिकल अप्रोच और इसकी रियल-वर्ल्ड उपयोगिता की सराहना की और सड़क पर जान बचाने के लिए लगातार स्किल-बिल्डिंग की आवश्यकता को दोहराया।



