समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
हरहुआ ब्लाक के पुआरी खुर्द स्थित शर्मीला इंटरमीडिएट कॉलेज में आज ‘सत्या फाउण्डेशन’ की ओर से ध्वनि प्रदूषण जागरूकता का कार्यक्रम कर बच्चों को सचेत व प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में ‘सत्या फाउण्डेशन’ के संस्थापक सचिव चेतन उपाध्याय ने विद्यार्थियों से कहा कि अगर पटाखे से चंदन, गुलाब और लोहवान की खुशबू आती तब तो इसे धर्म का प्रतीक माना जा सकता था। मगर पटाखे से तो भयंकर दुर्गंध और विषैली गैसों का उत्सर्जन होता है। आगे बताया कि पटाखों और डीजे के कारण स्वास्थ्य संबंधी जो नुकसान होते हैं वह तो होते ही हैं, मगर अब इसकी मारक क्षमता बढ़ने के कारण, यह सब कानून व्यवस्था के बिगड़ने का भी एक बहुत बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। साथ ही तेज आवाज के कारण गाय माता सहित सभी दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और उनके दूध देने की क्षमता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

व्यापक चर्चा के बाद सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि दीपावली या किसी भी शादी- विवाह या पर्व त्यौहार में डीजे और पटाखे का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करेंगे।
कार्यक्रम में प्रबंधक रामानंद प्रजापति ने कहा कि आज ध्वनि प्रदूषण एक चुनौती बन चुकी है।इसके खतरे भविष्य में मानव जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर अकारण मौत को अंजाम दे रही हैं। अचानक गिर कर जो मौतें जो रही हैं यह ध्वनि प्रदूषण के खतरे हैं। बच्चे ध्वनि प्रदूषण रोकने की दिशा में अभी से पहल शुरू कर दें साथ ही लोगों को भी प्रेरित करें।
कार्यक्रम में शर्मीला प्रजापति , विजय कुमार ,सदानंद प्रजापति और सभी शिक्षक सहित बच्चे उपस्थित रहे। ब्लाक क्षेत्र के
बीरापट्टी इंटरमीडिएट कालेज में भी बच्चों में जागरूकता का कार्यक्रम किया गया।
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