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चिल्हनियां पंचायत में मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, डीएम से जांच की मांग

एक ही योजना को अलग-अलग नामों से दर्शाकर सरकारी राशि निकालने का आरोप, दर्जनों योजनाओं में अनियमितता की आशंका; कार्यस्थलों पर नहीं मिले सूचना पट्ट

समाज जागरण | वीरेंद्र चौहान, ब्यूरो किशनगंज

टेढ़ागाछ (किशनगंज)। बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पंचायत के सरपंच कैलाश बोसाक ने इस संबंध में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से मुलाकात कर पंचायत में संचालित मनरेगा योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

सरपंच ने जिलाधिकारी को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान कई स्तरों पर अनियमितताएं बरती गई हैं। उनका दावा है कि एक ही योजना को अलग-अलग नामों से दर्शाकर सरकारी राशि की निकासी की गई है। उन्होंने आशंका जताई कि पंचायत में संचालित सभी योजनाओं की गहन जांच होने पर दर्जनों योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ी सामने आ सकती है।

कार्यस्थलों पर सूचना पट्ट नहीं लगाने का भी आरोप

सरपंच कैलाश बोसाक ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित कई योजनाओं के कार्यस्थलों पर सूचना पट्ट या कार्य बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। जबकि नियमानुसार प्रत्येक कार्यस्थल पर योजना की लागत, कार्य का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियां प्रदर्शित करना जरूरी है। इससे आम लोगों को भी सरकारी योजनाओं के खर्च और कार्य की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

तकनीकी और वित्तीय जांच कराने की मांग

सरपंच ने जिला पदाधिकारी से पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित और पूर्ण कराई गई सभी योजनाओं की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने योजना से संबंधित अभिलेखों, मास्टर रोल, मजदूरों के भुगतान विवरण तथा कार्यस्थलों की भौतिक स्थिति का मिलान कराने की मांग की है, ताकि कागजों पर दर्शाए गए कार्यों और धरातल पर उनकी वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि की अनियमित निकासी प्रमाणित होने पर वसूली की प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता सरपंच की ओर से लगाए गए हैं। प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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