अनूपपुर। जिले में यातायात नियमों के पालन और अपराध नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हालात इन दावों से मेल नहीं खाते जब से विनोद दुबे की पदस्थापना हुई है, तब से व्यवस्था के ढांचे पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं ओवरलोड वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जांच और निगरानी कमजोर पड़ती दिख रही है, वहीं दुर्घटनाओं की संख्या में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है
अमरकंटक में हाल ही में हुई दर्दनाक दुर्घटना ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक रोड डिवाइडर से टकराने के बाद लंबे समय तक तड़पता रहा, समय पर प्रभावी सहायता और ट्रैफिक प्रबंधन के अभाव में अंततः उसकी मौत हो गई यह घटना न केवल यातायात प्रबंधन की विफलता को दर्शाती है, बल्कि आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की भी गंभीर कमजोरी उजागर करती है
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल यहीं समाप्त नहीं होते जैतहरी क्षेत्र में एसटीएफ जबलपुर द्वारा 6 कुंटल गांजा पकड़े जाने की बड़ी कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर निगरानी और खुफिया तंत्र की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं यदि इतनी बड़ी खेप बाहरी एजेंसी द्वारा पकड़ी जाती है, तो यह संकेत करता है कि स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियां या तो नजरअंदाज हो रही हैं या प्रभावी नियंत्रण में नहीं हैं
इसके साथ ही रामपुर खड़ा, बदरा और कोयलांचल क्षेत्र में अवैध गांजा कारोबार के फलने-फूलने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन इलाकों में संगठित नेटवर्क सक्रिय हैं, जिनके तार विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बताए जाते हैं इसके बावजूद ठोस और निरंतर कार्रवाई का अभाव साफ नजर आता है
यह उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा सड़क सुरक्षा, जागरूकता और अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों को आमजन सराहनीय मानता है हालांकि, उनके अधीनस्थ अमले की कार्यशैली और जमीनी क्रियान्वयन उन प्रयासों पर पानी फेरते प्रतीत हो रहे हैं नतीजतन, सख्ती के सरकारी आंकड़े और वास्तविक स्थिति के बीच खाई बढ़ती जा रही है
जानकारों का कहना है कि यदि ओवरलोडिंग पर सख्त रोक, अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है वर्तमान परिदृश्य गहन जांच, स्पष्ट जवाबदेही और निरंतर निगरानी की मांग करता है, ताकि कानून का भय स्थापित हो और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके



