स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए योजनाओं का आकलन, सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार ने दिए अहम निर्देश
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
12 दिसंबर। जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति प्रांगन में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं जैसे संस्थागत प्रसव, एएनसी जांच, परिवार नियोजन, टीबी उन्मूलन, टीकाकरण और भव्या एप के क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए ठोस कदम उठाने और जनता तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम डीपीसी विश्वजीत कुमार, डीपीएम डॉ. मुनाजिम, और अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
संस्थागत प्रसव और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी प्रबंधन को प्राथमिकता
बैठक में गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, चौथे एएनसी जांच और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन ने कहा, “हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की समय पर पहचान और उनका कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।” सभी स्वास्थ्य केंद्रों को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और जटिल मामलों की पहचान पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
परिवार नियोजन और प्रसव मुक्त पंचायत अभियान पर जोर
बैठक में परिवार नियोजन पखवाड़ा की प्रगति की समीक्षा की गई और योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने पर जोर दिया गया। सिविल सर्जन ने प्रसव मुक्त पंचायत अभियान की पहचान, उनके उपचार और प्रसव मुक्त पंचायत बनाने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
भव्या एप के बेहतर क्रियान्वयन के लिए निर्देश
बैठक में भव्या एप पर ऑनलाइन कंसल्टेशन और मरीजों के मोबाइल रजिस्ट्रेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। सिविल सर्जन ने सभी प्रखंडों में भव्या एप के 100% क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने और डेटा प्रबंधन को नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार के लिए हर कदम बढ़ते कदम अभियान पर बल
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। सिविल सर्जन ने बताया, “हमारा उद्देश्य समाज के हर वर्ग को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना और सेवाप्रदाता और लाभार्थियों के बीच विश्वास का माहौल बनाना है। वीएचएसएनडी सत्रों का सफल क्रियान्वयन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।” बैठक में टीकाकरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव, और एएनएम की साप्ताहिक समीक्षा बैठक पर विशेष चर्चा हुई। सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “समर्पित प्रयासों से ही जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा सकता है।”
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ठोस रणनीति
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने योजनाओं को समय पर लागू करने, निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने, और जिले के स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए प्रतिबद्धता जताई। सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा, “हमारा प्रयास है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा ढांचा तैयार हो, जिससे हर जरूरतमंद तक सेवाओं की पहुंच हो और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में गुणात्मक सुधार हो।” सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई और लॉजिस्टिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण कर स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का आकलन करने और उसमें सुधार लाने को कहा गया।बैठक का समापन स्वास्थ्य कर्मियों को प्रेरित करने और लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागीय अधिकारियों ने मिलकर काम करने का आश्वासन दिया।
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