समाज जागरण संवाददाता विवेक देशमुख
मस्तूरी। विकास खण्ड के अंतर्गत पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोडाडीह, विधाडीह,भुरकुंडा,लोहर्सी के आसपास एरिया में लगने वाले एसीसी प्लांट का इसी माह 3 तारिक को लोहर्सी स्थित हाईस्कूल प्रांगण में जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमे बिलासपुर कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी समेत बड़ी संख्या में जिले एवं मस्तूरी क्षेत्र के कांग्रेसी पहुंचे थे।जिन्होंने जनसुनवाई का विरोध किया और पीठासीन अधिकारी से लिखित में जनसुनवाई का स्थगित आदेश लेने के बाद ही कांग्रेसी शांत हुए थे।जनसुनवाई में काफी हंगामा और तोड़फोड़ भी हुआ था।जिसके वजह से जिले के बड़े पुलिस अधिकारियों समेत अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा था। जनसुनवाई समापन के बाद कई कांग्रेसी नेताओं ने मीडिया के सामने जनसुनवाई स्थगित करवाने में अहम रोल अदा करने का श्रेय भी लिया था। लेकिन जनसुनवाई स्थगित होने के 12 दिन बाद ऐसा क्या हुआ मस्तूरी ब्लाक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लक्ष्मी भार्गव आसपास के 4,5 सरपंचों को लेकर बिलासपुर स्थित कलेट्रोरेट पहुँच जनसुनवाई को फिर से करवाने कलेक्टर से फरियाद करने लगे और अपने लेटर पेड में बकायदा जनसुनवाई में विरोध करने वालो को असामाजिक तत्व बता दिया। जिसके वजह से आसपास के ग्रामीण, किसान अपनी बात नही रख पाए। लक्ष्मी भार्गव ने जनसुनवाई की अगली सुनवाई नई तारीख में करवाने की गुहार लगाई है।
कौन है असमाजिक तत्व?
जिस दिन लोहर्सी में जन सुनवाई का कार्यक्रम हुआ था उस दिन सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस और युवा कांग्रेस के बड़े छोटे पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने ही विरोध प्रदर्शन किया था, ऐसे भी एक कांग्रेसी ही दूसरे कांग्रेसी को असामाजिक तत्व क्यो कह रहे है यह बड़ा सवाल है।

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