गांवों की बेटियों ने दिखाया दम, हरियाणा खेल महाकुंभ में वॉलीबॉल में जीता स्वर्ण

चैहड़ कलां गांव की चार लड़कियां पहले भी रह चुकी हैं वॉलीबॉल में नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडलिस्ट

दैनिक समाज जागरण, [ महेन्द्र जावला बहल ]

बहल। गांव की गलियों और धूल भरे खेल मैदान से निकलकर बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर लगन और मेहनत हो तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक पाती। पंचकूला में आयोजित हरियाणा राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ-2025 में बहल क्षेत्र की छात्राओं की वॉलीबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस उपलब्धि से क्षेत्र में उत्साह और गर्व की लहर है। कोच घमंडीलाल की मेहनत और छात्राओं की लगन का यह सुनहरा नतीजा है। खास बात यह है कि घमंडीलाल (रिटायर्ड पीटीआई) ने इन बेटियों को बिना किसी शुल्क लिए फ्री ट्रेनिंग देकर वॉलीबॉल की नर्सरी तैयार की। उनकी लगन से गांव के बच्चे आज राज्य से लेकर नेशनल लेवल तक का सफर तय कर रहे हैं।

विजेता बेटियों के नाम:
चैहड़ कलां गांव – प्रमिला (पुत्री चरण सिंह), रितु (पुत्री राजीव), दिशा (पुत्री गुलाबचंद), अंजू (पुत्री सुरेश कुमार) चैहड़ खुर्द गांव – रिंकू (पुत्री विनोद कुमार) बिठन गांव – सरिता (पुत्री धर्मपाल), प्रीति (पुत्री रामधन) शेरला गांव – रवीना (पुत्री राजेश)
बरालु गांव – लक्ष्मी इन बेटियों की जीत से यह संदेश गया कि ग्रामीण परिवेश में भी प्रतिभाएं किसी से कम नहीं। जिला परिषद प्रतिनिधि अमित श्योराण ने विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए कहा यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। हमारी बेटियों ने मेहनत और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है। मैं इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।

अमित श्योराण ने बताया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में रिटायर्ड आईपीएस महेंद्र सिंह श्योराण का बड़ा योगदान रहा है, जिन्होंने गांव के खेल मैदान को ठीक करवाकर बच्चों को खेलने का सामान उपलब्ध कराया।
गौर करने वाली बात है कि चैहड़ कलां गांव की चार लड़कियां पहले भी वॉलीबॉल में नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। वहीं, पंचकूला में हुए इन खेलों में लोहारू के लड़कों की वॉलीबॉल टीम ने भी गोल्ड जीतकर क्षेत्र का मान बढ़ाया।

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