दिल्ली। दिल्ली पुलिस (उत्तर दिल्ली) के डीसीपी राजा बंथिया ने बताया कि दो लेन-देन कुल 1,40,000 रुपये के हुए, लेकिन भुगतान दुकानदार तक नहीं पहुँचा, जबकि राशि ग्राहक के खाते से कट गई थी। मामले की जांच शुरू की गई और साइबर पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी को ट्रेस किया।

पुलिस ने आरोपी को चाकसू, जयपुर, राजस्थान से गिरफ्तार किया। उसके आवास की तलाशी में 100 से अधिक टेम्पर्ड QR कोड बरामद किए गए।
डीसीपी के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन विक्रेताओं से संपर्क कर उनके उत्पादों में रुचि दिखाता और उनके QR कोड मांगता था। फिर वह AI सॉफ्टवेयर का उपयोग कर QR कोड की जानकारी बदलता और व्हाट्सऐप के माध्यम से संशोधित QR कोड विक्रेताओं को भेज देता था। कभी-कभी ये बदलें हुए QR कोड विक्रेता के फोन गैलरी में स्वतः सेव हो जाते, नाम बदल जाता लेकिन QR कोड वैसा का वैसा रहता।
जब कोई ग्राहक भुगतान करता, तो वह गैलरी में सेव किए गए बदले हुए QR कोड का उपयोग करता था। यही तरीका उसकी धोखाधड़ी का मुख्य हिस्सा था। पुलिस को संदेह है कि और भी पीड़ित हो सकते हैं और जांच जारी रहेगी। आरोपी के फोन और बरामद वस्तुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



