नोएडा। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आईएमएस नोएडा में स्थानीय कलाकारों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध चित्रकला परंपरा, सांझी कला और सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश की लोक कलाओं को प्रोत्साहित करना और नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक कला एवं रचनात्मक विरासत से जोड़ना रहा।
संवाद सत्र के दौरान सांझी कला के विशेषज्ञ पूनम क्वात्रा एवं शिखा गुप्ता ने उत्तर प्रदेश की विभिन्न लोक चित्रकलाओं, पारंपरिक शैलियों, सांस्कृतिक प्रतीकों और समकालीन कला अभिव्यक्तियों पर विस्तार से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सांझी कला, लोक चित्रकला और पारंपरिक हस्तशिल्प न केवल सांस्कृतिक पहचान को सहेजते हैं, बल्कि आज के समय में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।
एक्सटेंशन एवं आउटरीच सेल की संयोजक वर्षा छबारिया ने बताया कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता की सफल कहानियों पर भी विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश की महिलाएं आज हस्तशिल्प, चित्रकला, टेक्सटाइल, स्टार्टअप, सामाजिक उद्यम और स्व-रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कला आधारित उद्यम महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



