समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिलने की बात को नकार दिया है. अखिलेश यादव ने कहा कि हमें कोई न्योता नहीं मिला है. न कोरियर से कोई न्योता मिला है. जिन्होंने सवाल पूछा है वो कोरियर की पर्ची लेकर आ जाएं.’ उन्होंने कहा कि आज बीजेपी का जो रास्ता है वो स्वामी विवेकानंद का रास्ता नहीं है, इसलिए आज हम संकल्प लेंगे कि उनके दिखाए हुए रास्ते पर हम चलेंगे.
प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण पर एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से सवाव किया. इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘सच्चाई सामने आ गई है. हमें कोई निमंत्रण नहीं मिला है. न कोरियर से कोई न्योता मिला है. मैं पत्रकार साथी से कहूंगा, जिन्होंने सवाल पूछा कि वो कोरियर की पर्ची लेकर आ जाएं.’ उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना का विषय नेता जी सदन में उठा चुके थे. उनके समर्थन में शरद यादव जी और लालू जी सहित तमाम नेता थे. आज नहीं तो कल जातीय जनगणना होगी और PDA की लड़ाई बिना जातीय जनगणना के नहीं पूरी हो सकती.
बीजेपी पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के पीछे सभी पूंजीवादी और उद्योगपति लोग हैं. जो वो कहते हैं उसके अनुसार नीति बनती है. जमीन अधिग्रहण का ये कानून लाए, उसे वापस लेना पड़ा. किसान कानून वापिस लेना पड़ा. इन्होंने एक्सीडेंट वाला कानून भी लाया. इसे वापस लेना पड़ा. आयुष्मान कार्ड स्कीम एक घोटाला है इस सरकार का. और ये गारंटी केवल एक घंटी है, जो कोरोना के समय बजाई गई थी.
अखिलेश यादव बोले, ‘आज कल छोटी-छोटी चोरी की घटनाएं बहुत हो रही है. यूपी में बीजेपी सरकार में सबसे ज़्यादा लूट हुई है. सीट शेयरिंग के पर अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव इस पर गठबंधन के साथियों से बात कर रहे हैं. 2019, 2022 के परिणाम के अनुसार सीट शेयरिंग पर चर्चा होगी. आज मैने एक अखबार में खबर पढ़ी जिसमें चीफ ऑफ आर्मी का बयान था. उन्होंने कहा था कि 2027 तक एक लाख फौज कम हो जाएगी. भर्ती में पीडीए के लोग हुआ करते थे इसलिए सरकार ने पक्की भर्ती को रोक कर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों को नौकरी न देने की व्यवस्था अग्निवीर जानबूझकर लाई गई है.
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