कक्षा 6 की राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता में जिले में पहला स्थान हासिल दीक्षा कुमारी को बधाई देने वालों का लगा तांता
मुरलीगंज ।
सीवी रमन टैलेंट सर्च टेस्ट इन साइंस 2025 की कक्षा 6 प्रतियोगिता में मुरलीगंज के पी कॉलेज मोहल्ला की दीक्षा कुमारी ने अपने ज्ञान और समर्पण से मधेपुरा जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा किया गया था, जो राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। दीक्षा की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है।
प्रतियोगिता का उद्देश्य और महत्व
यह प्रतियोगिता काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पटना द्वारा आयोजित की गई थी, और इसका उद्देश्य बिहार में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक समझ, तर्कशक्ति और समर्पण को प्रदर्शित किया, और दीक्षा ने इस परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
परिवार और समाज में खुशी का माहौल
दीक्षा कुमारी की इस सफलता ने उनके परिवार और विद्यालय में खुशी की लहर दौड़ा दी है। दीक्षा के माता-पिता, नीरज कुमार निराला और मीरा देवी, अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उनका मानना है कि इस सफलता में उनका निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। मुरलीगंज स्थित के पी कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. जवाहर पासवान ने भी दीक्षा को बधाई दी और कहा, “दीक्षा ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”
शिक्षकों और कोचिंग संस्थानों से सराहना
ऑक्सफोर्ड कोचिंग क्लासेस के डायरेक्टर डा. मानव सिंह ने दीक्षा की इस उत्कृष्ट सफलता की सराहना की और कहा, “दीक्षा की सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से कोई भी बच्चा किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है।” उनके साथ ही अन्य शिक्षकों ने भी दीक्षा के परिवार को शुभकामनाएं दीं और इस सफलता को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।
समाज में सकारात्मक संदेश:
दीक्षा कुमारी की सफलता ने यह संदेश दिया है कि यदि किसी में सच्ची लगन और मेहनत हो, तो छोटे-से-छोटे स्थान से भी वह महान उपलब्धियां हासिल कर सकता है। यह न केवल मुरलीगंज क्षेत्र के बच्चों के लिए, बल्कि पूरे बिहार राज्य के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा बन गई है। दीक्षा की सफलता ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है, और विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।
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