परमवीर पात्रों,दैनिक समाज जागरण, संवाददाता, जमशेदपुर (झारखंड) 23 सितंबर 2025
जमशेदपुर। डिमना क्षेत्र के मिर्जाडीह के सैकड़ों ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। मिर्जाडीह बांध विस्थापित एवं रैयत संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 21 गांवों के ग्राम प्रधानों और मुखियाओं सहित ग्रामीण डिमना चौक से पारंपरिक हथियारों के साथ पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और विरोध जताया।
ग्रामीणों ने डीसी को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में मिर्जाडीह रैयतों के घर तोड़ने वाले दोषियों की गिरफ्तारी, सभी गांवों में सड़क निर्माण, विस्थापितों को विस्थापन प्रमाण पत्र जारी करना और टाटा लीज़ नवीनीकरण समिति में विस्थापित प्रतिनिधियों को शामिल करना शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राजकीय शोक के दौरान टाटा कंपनी और जिला प्रशासन की मिलीभगत से रैयतों के घर तोड़े गए। उनका कहना है कि इससे साफ होता है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन टाटा कंपनी के इशारे पर काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार मूल निवासियों का दमन हो रहा है और उन्हें न्याय से वंचित रखा जा रहा है।
संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे और उग्र आंदोलन करेंगे। यह प्रदर्शन डिमना क्षेत्र के ग्रामीणों की एकजुटता और उनके अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है।
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