समाज जागरण/ अवधेश कुमार गुप्ता
सोनभद्र। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी बी0एन सिह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, प्रचार्य राज्य स्वायत्तशासी चिकित्सा महाविधालय, सोनभद्र एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोनभद्र के द्वारा संयुक्त रूप से मलेरिया ट्रीटमेन्ट कार्ड को लॉच किया गया। इस दौरान मण्डलायुक्त ने कहा कि मलेरिया ट्रीटमेन्ट कार्ड के प्रयोग से मलेरिया रोगियों का ट्रैकिंग एवं आमूल उपचार की सूचना रखना आसान हो गया। सभी ब्लॉक के लैब टेक्नीशियन के द्वारा मलेरिया रोगियों का मलेरिया ट्रीटमेन्ट कार्ड भरा जायेगा तथा आशा के द्वारा रोगी का आमूल उपचार सुनिश्चित किया जायेगा। इस अवसर पर मलेरिया ट्रीटमेन्ट कार्ड के लॉच किये जाने के क्रम में मण्डलायुक्त ने मलेरिया प्रभावित जनपद सोनभद्र के लिये इस कार्ड को अत्यन्त उपयोगी बताया।
इस दौरान विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में क्लेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय प्रथम अर्न्त्तविभागीय बैठक आयोजित की गयी। जिसमें समस्त सहयोगी विभाग जैसे चिकित्सा विभाग, ग्राम विकास विभाग, नगर पालिका/नगर पंचायत, बेसिक/माध्यमिक शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, पशु पालन विभाग, दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग, बाल विकास पुष्टाहार, सूचना विभाग इत्यादि विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जनपद में दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक तथा दस्तक अभियान दिनांक 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाया जायेगा।
संचारी अभियान के अर्न्तगत् समस्त विभागों द्वारा जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय तथा बुखार आने पर क्या करें क्या ना करें का प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जायेगा तथा दस्तक अभियान के दौरान आशा, ऑगनबाड़ियों के द्वारा गृह भ्रमण कर बुखार, क्षय, कुष्ठ, फाइलेरिया, आई०एल०आई० इत्यादि रोगियों की लाइन लिस्टिंग की जायेगी साथ ही कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जायेगा तथा आवश्यकता अनुसार एन०आर०सी० सन्दर्भन एवं आभा आई०डी० सृजन का कार्य किया जायेगा।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यावाही करना सुनिश्चित करेगें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना के समय बच्चों को संक्रामक रोगों के प्रति जागरूक करें, हाथ धोने के तरीके तथा पूरी बॉह का यूनिफार्म पहने हेतु प्रेरित करें एवं बच्चों को हाथ धोने के तरीके, बुखार आने पर क्या करें क्या ना करें इत्यादि विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करें तथा समस्त प्राइमरी एवं माध्यमिक विद्यालयों में साबुन अथवा हैण्डवॉश अवश्य उपलब्ध हो। इस दौरान समस्त अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया गया कि शहरी क्षेत्रों में बने डम्पिंग यार्डस की नियमित सफाई हो, सुपरवाइजर द्वारा निर्माणाधीन शौचालयों का पर्यवेक्षण किया जाये तथा सफाई कर्मचारी प्रत्येक घर पहुँचना सुनिश्चित करे, साफ- सफाई, जल निकासी, कचरा निस्तारण की व्यवस्था ठीक रखें तथा सप्ताहिक कार्ययोजना बनाकर एन्टीलार्वल छिड़काव एवं फागिंग कराकर फोटों संचारी व्हाटसप ग्रुप पर भेजना सुनिश्चित करे, ग्राम विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि गाँवों में बने डम्पिंग यार्डस की नियमित सफाई हो, बरसात को देखते हुए झाड़ियों की कटाई निश्चित करायी जाये, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा गाइड लाइन में उल्लेखित कार्यों को माइकोप्लान के अनुसार कराया जाये।
अक्टूबर माह में संचारी अभियान के साथ ही जनपद के समस्त शौचालयों का सर्वे भी पूर्ण कर लिया जाये। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वी०एच०एस०एन०सी० के मद में उपलब्ध धनराशि का व्यय करने हेतु एस०ओ०पी० बनाकर आवश्यकतानुसार व्यय किया जाये तथा जो खाते अक्रियाशील है के०वाई०सी० के माध्यम से संचारी माह में उन्हें सक्रिय कराया जाये। पशुपालन एवं कृषि विभाग को निर्देशित किया गया कि जनपद में स्क्रब टाइफस एवं लैप्टोस्पायरोसिस रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिसकी रोकथाम हेतु संचारी अभियान में गोष्ठियों कर लोगों को जागरूक करे। समस्त अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि अपने ब्लॉक के बी०पी०एम०/ बी०सी०पी०एम० द्वारा रोज की प्रगति रिपोर्ट से अधोहस्ताक्षरी को अवगत करायें व आशाओं द्वारा किये जाने वाले कार्यों की समीक्षा आशा संगिनी, सी०एच०ओ०, ए०एन०एम० तथा बी०पी०एम०, बी०सी०पी०एम० करे। समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने अधीन ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों जैसे- विद्यालय, ऑगनबाड़ी केन्द्र, ब्लॉक, उपकेन्द्र इत्यादि की साफ-सफाई सुनिश्चित करे। मानीटरिंग एजेन्सियों को निर्देशित किया गया कि पर्यवेक्षण के समय गाँवों में ग्राम प्रधान से अवश्य मिले तथा माइकोप्लान के अनुसार पर्यवेक्षण करें।



