दैनिक समाज जागरण
मुस्कान खान
जनपद बिजनौर
बिजनौर। जिला अस्पताल में डायलिसिस के दौरान युवक की मौत के बाद शनिवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अचानक अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई। डीएम ने लैब, स्कैन केंद्र और पोषण केंद्र का गहन निरीक्षण करते हुए कई निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी सबसे पहले सीटी स्कैन विभाग पहुंचीं, जहां उन्होंने मरीजों से संवाद कर स्कैन रिपोर्ट की समयसीमा और शुल्क संबंधी जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि उन्हें तय शुल्क पर ही जांच की सुविधा मिल रही है। इस दौरान डीएम ने सीटी स्कैन कक्ष के बाहर जर्जर फर्श को देख नाराजगी जताई और जल्द मरम्मत के आदेश दिए। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि फर्श की नाप-जोख हो चुकी है, मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। इसके बाद डीएम ने पैथोलॉजी लैब की व्यवस्था देखी और जांच रिपोर्ट की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने रिकॉर्ड व्यवस्था को बेहतर करने और रिपोर्ट समय से देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर स्थित एनआरसी (कुपोषण उपचार केंद्र) का भी दौरा किया। उन्होंने वहां भर्ती बच्चों के लिए रुचिकर वॉल पेंटिंग कराने और खेल-कूद की सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने कहा कि कुपोषित बच्चों को बेहतर माहौल देना जरूरी है जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति तेजी से सुधरे। अंत में जिलाधिकारी ने नगर के दुष्यंत पुस्तकालय का निरीक्षण किया। वहां पढ़ रहे छात्रों से बातचीत कर पुस्तकालय की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने नगर पालिका को निर्देश दिए कि पुस्तकालय में रोशनी, पीने का पानी और पुस्तकें आदि मूलभूत सुविधाएं जल्द सुनिश्चित कराई जाएं। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज सेन, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, पैथोलॉजिस्ट, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहित कई जिम्मेदार मौजूद रहे।
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