चिकित्सकों की लापरवाही उजागर,ऑपरेशन के समय महिला के पेट में छूटा रुई का बंडल

पीड़ित के परिजन विधायक से लेकर जिला प्रशासन तक किया शिकायत अब तक नहीं मिला न्याय

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
चिकित्सकों की लापरवाही के कारण महिला के ऑपरेशन के दौरान पेट में रुई का बंडल छुटने का मामला प्रकाश में आया है। मामला किशनगंज के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित निश्चितपुर निवासी मो.शमीम की पत्नी के पेट में ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों द्वारा रुई का बंडल छुटा गया। पीड़िता के पति मो.शमीम ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पावर हाउस स्थित न्यू फोर्टीस अस्पताल(निजी नर्सिंग होम) के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत किया है साथ ही स्थानीय विधायक एवं जिला पदाधिकारी सहित चिकित्सा पदाधिकारी को आवेदन देकर गुहार लगाया है।

इस मामले में पीड़िता के पति मो.शमीम ने नर्सिंग होम के खिलाफ आरोप लगाते हुए बताया कि अगस्त माह में सीजर ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उनकी गर्भवती पत्नी के पेट में रुई का बंडल छोड़ दिया था, जिससे बाद में उसकी हालत काफी गंभीर हो गई। उन्होंने बताया अगस्त महीने में गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए न्यू फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां तैनात डॉक्टर ने सीजर प्रसव की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद बेटे का जन्म हुआ और कुछ दिनों बाद पत्नी को अस्पताल से छुट्टी मिल गया।
घर आने के बाद पत्नी को लगातार पेट दर्द की शिकायत होने लगी। दोबारा उसी अस्पताल में पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने खट्टा खाद्य पदार्थ खाने से ही तबीयत खराब होने की वजह बताया और पत्नी को फिर से भर्ती कर कुछ सप्ताह इलाज के लिए रखा फिर 50 हजार रुपए लेकर छुट्टी दे दिया। इसके बावजूद भी दर्द में आराम नहीं हुआ और मवाद निकलता रहा जिससे मैं काफी परेशान हो गया। पीड़ित के परिजन ने बताया अक्टूबर माह में पत्नी की तबीयत दोबारा बिगड़ने पर जब वे अस्पताल पहुंचे, तो वहां मौजूद इरशाद ने उन्हें किशनगंज के एक निजी क्लिनिक में इलाज कराने की सलाह देकर भेज दिया। इसके बाद किशनगंज नवंबर महीने में भर्ती कराने के बाद जब एमआरआई जांच कराई गई, तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया।
जांच में पता चला कि सीजर ऑपरेशन के दौरान पत्नी के पेट में रुई का एक बंडल छोड़ दिया गया था। इसके कारण पेट में रिसाव और असहनीय दर्द हो रहा था। इसके बाद दिसंबर माह में दोबारा ऑपरेशन कर रुई का बंडल निकाला गया। इस पूरे इलाज में लाखों रुपए खर्च हो गए। इलाज के बाद महिला फिलहाल आईसीयू में भर्ती है।

पीड़िता के पति मो.शमीम ने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर जब उन्होंने हॉस्पिटल के मालिक इरशाद को शिकायत की तो उन्होंने दोबारा इलाज के नाम पर खाते में 16 हजार रुपए भेज देने के लिए कहा, लेकिन पत्नी के इलाज में ज्यादा खर्च के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह खराब हो गई है।
उन्होंने कहा कि बाद में इरशाद से संपर्क करने की कई कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस मामले में पीड़ित ने स्थानीय विधायक एवं जिला प्रशासन सहित थाना में लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं जो अब न्याय नहीं मिला है।

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