डॉ कौशल को रांची में व डाली  के मुखिया पूनम जायसवाल को छतरपुर में किया गया की ओर नवाजा गया

समाज जागरण दीपक सरकार

आजादी से आठ बार  पंचायत चुनाव में 6 बार  उनके परिवार के सदस्यों को  ही  मिला है  नेतृत्व का अवसर: मुखिया पूनम

सरकार एवं निजी खर्च लगाकर बनाया है झारखंड में अव्वल नम्बर  का डाली पंचायत: डॉ कौशल, मुखिया पूनम व पार्षद अमित

पलामू:छतरपुर प्रखंड में गुरुवार को पर्यावरणविद ट्री मैन डॉ कौशल किशोर जायसवाल की धर्मपत्नी और दो बार डाली पंचायत के मुखिया रहे व वर्तमान में छतरपुर पूर्वी के जिला पार्षद अमित कुमार जायसवाल की मां पूनम जायसवाल को झारखंड राज्य के पंचायती राज से सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सर्वश्रेष्ठ विकसित पंचायत के रूप में सम्मानित किया गया ।
डाली पंचायत आदर्श पंचायत के साथ नेतृत्व कर्ताओं का जन्म भूमि है । जिसमें सरकारी खर्च पर 2010 में पुरे पंचायत में विद्युतीकरण ,शीलाल  नदी पर पुलिया निर्माण,हॉस्पिटल, हाई स्कूल, लाइब्रेरी, सामुदायिक भवन , बाजार शेड , चबूतरा, निर्माण  आंगनबाड़ी केंद्र पानी टंकी  चापाकल व  सड़क निर्माण आदि शामिल है ।वहीं पंचायती राज के तहत पंचायत सचिवालय में कोर्ट लगाकर मामलों का  निष्पादन  आपसी समन्वय के आधार पर सैकड़ो लोगों को कराया जा चुका है।।

नीजी खर्चे पर पर्यावरण धर्म गुरु व वनराखी मूवमेंट के प्रणेता ट्री मैन डॉ कौशल किशोर जायसवाल,  जिला परिषद अमित कुमार जायसवाल, मुखिया पूनम जायसवाल, मोहनलाल खुर्जा पार्वती देवी पार्क अध्यक्ष अरुण कुमार जायसवाल ने अपने जन्मभूमि के पंचायत में निजी खर्चे पर कई कार्य  किया है। जिसमें 1995 में नावा बाजार से डाली व अंबेडकर चौक तक 4 कि,मि, और कौशल नगर चौक से ईटको सिवान से  शाही सिवान ,खोगा, कुंडली ढोलही नउवा टोली समेतअबतक 18 किलोमीटर सड़क निर्माण कराया गया है। और ढोलही मे रपटा पुल व क्रिकेट के मैदान और डाली में क्रिकेट मैदान को बचाने के लिए रैयत से भूमि  खरीद कर मैदान के बगल में हाई स्कूल बनाया जिसकी पिलीनथ में चार लाख से अधिक रुपए ठेकेदार को हजाने के रूप में देना पड़ा था
निजी खर्च  पर 18 चापाकल लगाया गया  है । उजाड़ क्षेत्र को विकसित कर कौशल नगर के नाम क्षेत्र में जानवरों को पानी  पीने व  सिंचाई के लिए  दस लाख की लागत से 200 बाई 200 का  तालाब  बनाया गया ।  कौशल नगर में साप्ताहिक बाजार लगाया गया और मोहनलाल खुर्जा पार्वती देवी पार्क विकसित कर उसमें दुनिया का पहला पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर का निर्माण कराया गया है । मेडिसिन प्लांट के साथ कई विलुप्त प्रजाति के दर्जनों देश के पौधे लगाए गए हैं । एक  1 ,47 एकड़  में कटहल बागान लगाया था।। जिसकी सुरक्षा के लिए चारों ओर से बाउंड्री दिया जा रहा था जो छतरपुर अंचल के द्वारा बाउंड्री को तोड़ दिया गया। जबकि उक्त भूमि 1956 में हुकुम नामा और ऑफलाइन ऑनलाइन रसीद कटते आ रहे हैं।  वर्ष 2000 में बच्चों की संख्या अधिक और शिक्षकों की संख्या कम को देखते हुए पांच शिक्षकों की कुर्सी टेबल समेत बहाल किया गया जिसका वेतन का भुगतान डॉ कौशल के माध्यम से दिया जाता था।  बाद में सरकार ने पारा शिक्षक को बहाल कर दिया।  आज भी गरीब गुरबा के कन्याओं की शादी में चावल और पैसा के अलावे मुसीबत मनदो को मदद किया जाता है। इसके अलावे सामाजिक दायित्वों के तहत जाड़े के दिन में  गरीबों के बीच कंबल और बरसात में पौधे दिए जाते हैं। और छठ पूजा में आम की लकड़ी साड़ी धोती भी दिए जाते हैं सेवा कभी बेकार नहीं जाता बस लोगों को दिल लगाकर कोई भी काम करना चाहिए डाली पंचायत बाजार के मुखिया पूनम जायसवाल के साथ प्रखंड उप प्रमुख संतोष यादव,विवेक श्रीवास्तव,पंचायत सचिव श्याम सिंह, सूरज देव विश्वकर्मा, उप मुखिया नगीना खातून पूर्व उप मुखिया अफजाल अंसारी, बाबूराम ,अवधेश राम ,शिवनाथ राम ,अरविंद यादव ,सुनील यादव ,उमेश यादव, समीर सिंह संतोष कुमार शामिल थे

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