समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ मुकद्दस रमजान माह के समापन के बाद ईद का त्योहार राजधानी पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में पूरे अकीदत, एहतराम और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह होते ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए हजारों की संख्या में नमाजी जुटे। सभी ने अल्लाह की बारगाह में सजदा कर देश, राज्य और समाज में अमन-शांति, तरक्की, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी। ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही धार्मिक स्थलों पर रौनक देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चे नए कपड़ों में सजे-धजे अपने अभिभावकों के साथ नमाज अदा करने पहुंचे।
वहीं बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी वर्गों के लोगों की मौजूदगी ने त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया। कई स्थानों पर अधिक भीड़ के कारण लोगों को मस्जिदों की छतों और सड़कों पर भी नमाज अदा करनी पड़ी। राजधानी पटना के विभिन्न इलाकों में ईद की नमाज अदा की गई। त्योहार को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। त्वरित कार्रवाई बल के जवानों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई और लगातार गश्ती अभियान चलाया गया, ताकि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। प्रशासन की सतर्कता के कारण पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
हर ओर खुशी और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। बच्चे विशेष रूप से उत्साहित नजर आए, वहीं बड़े-बुजुर्गों ने भी एक-दूसरे को दुआएं दीं। लोग अपने रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों के घर जाकर ईद की खुशियां साझा करते दिखे। नमाज के बाद दिए गए खुतबे में उलेमाओं ने रमजान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना हमें सब्र, परहेजगारी, रहमदिली और इंसानियत का संदेश देता है।
हमें इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईद केवल खुशियां मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देता है। नमाजियों ने अल्लाह से दुआ की कि देश में हमेशा शांति बनी रहे, सभी लोग खुशहाल रहें और समाज में आपसी सौहार्द कायम रहे। साथ ही देश निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़े और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए। पूरे क्षेत्र में ईद को लेकर उत्साह का माहौल बना रहा। बाजारों में भी चहल-पहल देखी गई और लोगों ने त्योहार को पूरे जोश और उमंग के साथ मनाया। कुल मिलाकर, यह पर्व सामाजिक एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देता हुआ शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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