एसडीपीओ के छह ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति और संदिग्ध लेनदेन के मिले पुख्ता सुराग

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
1 अप्रैल 2026
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप में किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गौतम कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए व्यापक छापेमारी की है। एक साथ छह ठिकानों पर की गई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई है और विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।


ईओयू थाना कांड संख्या-03/26 (दिनांक 29 मार्च 2026) के तहत दर्ज प्राथमिकी में गौतम कुमार (पिता स्व. परमेश्वर रजक, निवासी इंदिरा नगर, हाउसिंग कॉलोनी, नाला रोड, पूर्णिया) को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। इस मामले में उनकी पत्नी रूबी कश्यप, सास पूनम देवी तथा कथित करीबी सहयोगी शगुफ्ता शमीम को सह-अभियुक्त बनाया गया है।


प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि गौतम कुमार ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 60.27 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है, जो भ्रष्टाचार के गंभीर संकेत देता है। वर्ष 1994 में सेवा में आए गौतम कुमार वर्ष 2019 में पदोन्नत होकर डीएसपी बने थे और पूर्णिया, अररिया, बगहा तथा किशनगंज सहित कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं।


माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद ईओयू की टीम ने मंगलवार को उनके छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जो देर शाम तक चली और कई अहम खुलासे सामने आए।
भव्य मकान, दर्जनों जमीन और करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान पूर्णिया स्थित आवास से लगभग 25 भू-खण्डों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इनमें कई संपत्तियां अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर खरीदी गई प्रतीत होती हैं, जिससे बड़े पैमाने पर बेनामी निवेश की आशंका जताई जा रही है।
अभियुक्त का 3600 वर्गफीट में फैला चार मंजिला आलीशान मकान भी जांच के दायरे में है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। मकान निर्माण से संबंधित 1 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान के बिल जब्त किए गए हैं, जो भारी खर्च और संदिग्ध स्रोतों की ओर इशारा करते हैं।


इसके अलावा बीमा एवं विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश के दस्तावेज, कीमती घड़ियां और महंगे वाहन—जैसे Hyundai Creta और Mahindra Thar—भी बरामद किए गए हैं। पटना में नर्सिंग होम खोलने की योजना से जुड़ा नक्शा भी मिला है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।


सह-अभियुक्तों के यहां भी लेनदेन के ठोस प्रमाण
सह-अभियुक्त शगुफ्ता शमीम के आवास से 7 भू-खण्डों के कागजात और करीब 60 लाख रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषण बरामद हुए हैं। साथ ही गौतम कुमार द्वारा खरीदे गए आभूषणों की कई रसीदें भी मिली हैं, जो दोनों के बीच वित्तीय संबंधों के ठोस संकेत देती हैं।


जांच एजेंसी को शगुफ्ता शमीम के बैंक खातों में नकद जमा और ऑनलाइन लेनदेन के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
वहीं, किशनगंज स्थित सरकारी आवास से 1.37 लाख रुपये नकद और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पटना स्थित पैतृक आवास से भी 4 भू-खण्डों के कागजात मिले हैं। ससुराल पक्ष से पत्नी के नाम पर स्वर्ण आभूषण और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनका मूल्यांकन कराया जा रहा है।


अन्य राज्यों में निवेश, माफिया कनेक्शन और फर्जी सिम की जांच
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गौतम कुमार ने सिलीगुड़ी में चाय बागान, तथा नोएडा और गुरुग्राम में संपत्तियों में निवेश किया है।
इसके अलावा कोयला, शराब, लॉटरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े माफियाओं से संबंध होने की भी आशंका जताई जा रही है। फर्जी सिम कार्ड के उपयोग के संकेत मिलने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।


जांच जारी, और बड़े खुलासों के संकेत
ईओयू के अनुसार, तलाशी की कार्रवाई और अनुसंधान अभी जारी है तथा आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। इस मामले की जानकारी पुलिस मुख्यालय एवं गृह विभाग, बिहार को दे दी गई है। विभागीय स्तर पर भी आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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