किशनगंज/ टेढ़ागाछ
समाज जागरण
जिला संवाददाता: अजमल नूरी
किशनगंज के टेढ़ागाछ में आजादी के सात दशक पूरे हो जाने के बावजूद भी विकास से कोसों दूर है। यहाँ गांव के लोगों का आवागमन बॉस बल्ले के सहारे होती है जहाँ विकास कोसों कोसों दूर तक नजर नही आता है और यहाँ विकास का क्या आलम होगा यह तो आप इस तस्वीर को देख कर लगा सकते है और यह दृश्य सरकार की गांव गांव तक विकास की दावें की हकीकत की पोल खोल रही है यह पूरा मामला किशनगंज जिले के सुदूर प्रखंड टेढ़ागाछ अन्तर्गत सुहिया गांव का है जहाँ गौरिया धार पर पुल पुलिया नही बनने के कारण आम जन जीवन अस्तव्यस्त है लोगों को अपनी रोजमर्रा की काम काज के लिए आपने जान को हथेली पर लेकर बॉस बल्ले के सहारे आना जाना पड़ता है यहाँ के स्थानीय लोग बताते है कि लोग तो किसी तरह आना जाना कर ही लेते है लेकिन जब बीमारी, मौत, डिलवरी पेशेंट की बात आती है तो लोगों का दिमाग काम करना बंद कर देता है और भगवान भरोसे उपर वाले के भरोसे ही उसका जान ठीका रहता है सरकारी योजनाएं और विकास के दावें और जमीनी हकीकत जहाँ पंचायत में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), इंदिरा आवास योजना, संपूर्ण स्वच्छता अभियान, 14 वीं 15 वीं वित्तीय योजना के साथ अन्य योजनाओं पर पंचायत में करोड़ों की राशि खर्च करती है और दूसरी और पंचायत की गांव की ऐसी स्थिति की लोग श्रम दान कर और चंदा कर बॉस बत्ती का पुल बनाकर आवाजाही करे यह पंचायत स्तर के काम काज पर सवाल खड़ा करती है वही स्थानीय लोगों का कहना है कि हम लोग वर्षो से सांसद विधायक को लिखित एंव मौखिक दे चुके है गांव की ऐसी स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन को भी दिया जा चुका है लेकिन कोई सुनने का नाम ही नही ले रहे है और स्थिति समस्या परेशानी जस का तस बनी हुई है
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