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डिजिटल दौर में भी बाघाडाबर में जिंदा है 61 साल पुरानी नाट्य परंपरा

दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नवीनगर (बिहार) डिजिटल मनोरंजन के दौर में जब पारंपरिक नाट्य कला विलुप्त हो रही है, नवीनगर प्रखंड के नाउर पंचायत स्थित बाघाडाबर गांव में ग्रामीण 61 वर्षों से दुर्गापूजा पर नाट्य मंचन की परंपरा जीवित रखे हुए हैं।इस बार नवमी पर गांव के 11 स्टार क्लब द्वारा ‘इज्जत’ नाटक का मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने अभिनय के जरिए मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश भी दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे थे।पूर्व मुखिया ओमप्रकाश सिंह के अनुसार, राजेश्वर ठाकुर, रामप्रसाद पासवान, नागा राम समेत कई बुजुर्गों ने इस परंपरा की नींव रखी थी। पहले निर्देशन शिवशंकर पासवान करते थे, अब 10 वर्षों से रामकुमार और मुन्ना सिंह कर रहे हैं। इस वर्ष अध्यक्ष आलोक कुमार मिश्रा रहे, जबकि मुन्ना सिंह, सुदामा पासवान, बिजेंद्र पासवान समेत कई कलाकारों ने भाग लिया।


ग्रामीणों का कहना है कि युवा पीढ़ी मोबाइल-फिल्मों में रम गई है। अगर प्रयास नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ी नाटक को सिर्फ नाम से जानेगी। नाटक सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज को आईना दिखाने का जरिया भी है।


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