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वन विभाग ने सवा सौ बीघा जमीन फसलें जोतकर मुक्त कराई

ग्रामीणों ने लगाया आरोप जान बूझकर अदालत में मामला होने के बाद भी किया गया उत्पीड़ित

वन विभाग के अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए

(सुघर सिंह इटावा)

सैफई (इटावा) तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरौली कला के गांव नगला बहादुर में करीब 125 बीघा जमीन को वन विभाग ने खड़ी फसल को जोतकर अपने कब्जे में लेकर वृक्षारोपण कराया। बुधवार को वन विभाग के एसडीओ संजय कुमार के नेतृत्व में कई थानों के फोर्स के साथ 10 बुलडोजर मशीनें व 25 ट्रैक्टरों के द्वारा गांव नगला बहादुर पहुंचे जहां वन विभाग की जमीन रिक्त पड़ी थी और साथ ही ग्रामीणों ने जिस जमीन पर कब्जा करके फसल बो ली थी उस पार बुलडोजर चला कर के जमीन को अपने कब्जे में लेकर तुरंत ही वृक्षारोपण करा दिया गया है। छावनी में तब्दील रहा गांव नगला बहादुर में थाना सैफई, बैदपुरा, बसरेहर, एंव वन विभाग की टीम हाथों में डंडे लेकर नजर आई।

इस दौरान बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं पुरुष व बच्चे एकत्रित होकर हंगामा करने पर उतारू हो रहे थे।पुलिस भी कई बार ग्रामीणों को खदेड़ते हुए नजर आई। तहसीलदार सैफई जगदीश सिंह, प्रभारी निरीक्षक सैफई रमेश सिंह, वैदपुरा थाना प्रभारी कौशिक पटेल,बसरेहर थाना प्रभारी अंकुश राघव के अलावा राजस्व टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। वन विभाग की टीम द्वारा जमीन को कब्जे में लिया जा रहा था वही गांव की महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल था। उन्होंने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पहले तो वन विभाग के अधिकारियों ने हमारे घर के सदस्यों को फर्जी मुकदमा लगाकर जेल भिजवा दिया है। बाद में जमीन को भी अपने कब्जे में ले लिया है।इसके अलावा महिलाओं द्वारा वीडियो बनाए जाने पर वन विभाग की टीम पर महिलाओं ने मोबाइल फोन की छीनने का आरोप भी लगाया।

नगला बहादुर निवासी आशीष पुत्र फोरम एवं समरथ सिंह,प्रमोद कुमार,आदेश कुमार, राकेश कुमार, विजेंद्र सिंह निर्मल चंद,राजवीर सिंह गुरु चरण,बलवीर सिंह ने पत्रकारों को बताया उनकी कृषि भूमि मौजा बरौली कला तहसील सैफई में स्थित है। जिसमे कुछ कृषि भूमि नॉन जेड ए की रिक्त है। जिसे हम सभी ग्रामवासी लगभग 80 वर्षों से जोत बोते चले आ रहे हैं। वर्तमान में गेहूं की फसल खड़ी थी आलू की फसल है सभी फसलों को जोत दिया गया है। और अब वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने अवैध रूप से हम ग्राम वासियों को बेदखल करना चाहते हैं।

जबकि मामला सिविल जज इटावा के न्यायालय में वन विभाग के विरुद्ध विचाराधीन है। इसके अलावा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका भी दायर की जा चुकी है एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 22 जून को यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश भी दिया है। इसके बावजूद भी वन दरोगा श्रीनिवास पांडेय सेक्शन प्रभारी सैफई रेंज बसरेहर द्वारा हम सभी ग्राम वासियों को परेशान किया जा रहा है। और आए दिन फर्जी मुकदमे लगा दिए जाते हैं।

बीते दो नवंबर को उक्त दरोगा द्वारा 12 नाम दर्ज व 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। इसके अलावा बन दरोगा हम लोगों को लगातार झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है। हम मांग कर रहे हैं इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच हो जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर तहसीलदार सैफई और वन विभाग के अफसर मीडिया द्वारा घेरे जाने पर बचते नजर आये। किसी भी अधिकारी ने कोई जवाब देना उचित नहीं समझा।


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